सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने राहतगढ़ स्थित सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया और अस्पताल में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहतगढ़ अस्पताल सहित प्रदेश के सभी अस्पतालों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी जल्द पूरी की जाएगी, जिससे समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में ब्लड स्टोरेज फ्रिज की तत्काल व्यवस्था की जाए ताकि रक्त की उपलब्धता हमेशा बनी रहे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच की जाए और उनका प्राथमिकता के साथ उपचार किया जाए।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास साहवाल, एसडीएम श्री रोहित वर्मा, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकेश फुसकेले, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिवारी सहित अन्य अधिकारी और डॉक्टर उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल में स्वच्छता और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य भर में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे शीघ्र ही सभी अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर हो जाएगी।

राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि सरकार टेलीमेडिसिन सेवा को तेजी से लागू कर रही है, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टर दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को समय पर उपचार प्रदान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल डॉक्टरों की कमी दूर होगी बल्कि मरीजों को समय पर और प्रभावी इलाज उपलब्ध होगा।
साथ ही उन्होंने गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं की देखभाल पर विशेष जोर दिया और कहा कि सरकार का लक्ष्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना तथा सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं की निरंतर निगरानी की जाए।
उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह है कि हर मरीज को समय पर और उच्च गुणवत्ता वाला उपचार मिले और सभी सुविधाएं प्रभावी रूप से संचालित हों।