सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने आज जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया और अस्पताल में मरीजों को समय पर और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सभी डॉक्टर अपने ड्यूटी आवास के दौरान समय का पालन करते हुए ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ मरीजों का इलाज करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति हमेशा सुनिश्चित रहे, ताकि आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

विशेष रूप से प्रभारी मंत्री ने हाई रिस्क गर्भवती माताओं की समय पर जांच और प्राथमिकता के साथ उपचार पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को सभी गर्भवती माताओं की जांच महिला विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा की जाए। इस अवसर पर विधायक श्री शैलेंद्र जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. नीना गिडियन, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत, डॉ. अभिषेक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की समीक्षा बैठक भी ली और अस्पताल में साफ-सफाई, पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता और मरीजों के इलाज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सालयों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र पूरी की जाएगी।

साथ ही प्रभारी मंत्री ने गर्भवती माताओं और नवजात बच्चों की उचित देखभाल पर जोर देते हुए कहा कि सागर शहर में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है, जहां बच्चों को भर्ती कर पोषण दिया जाएगा।
श्री राजेंद्र शुक्ल ने यह भी कहा कि टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रोगियों को दूरस्थ उपचार मुहैया कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी समय पर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।

प्रभारी मंत्री ने अस्पताल प्रशासन, डॉक्टरों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि हर मरीज को समय पर और गुणवत्ता पूर्ण इलाज मिले, और सभी सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित हों। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा और मातृ-शिशु कल्याण है।