छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र में गेहूं खरीदी और भंडारण को लेकर विवाद हिंसक रूप लेता नजर आया। गुणवत्ता जांच के दौरान खराब गेहूं रिजेक्ट करने पर एक वेयरहाउस सर्वेयर पर हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और खरीदी प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुणवत्ता जांच में मिला खराब गेहूं
जानकारी के अनुसार, सेवा सहकारी समिति मुड़ेरी से दो ट्रॉली गेहूं भंडारण के लिए WLC गोदाम क्रमांक 1 और 2 में पहुंची थीं। यहां पदस्थ सर्वेयर कुंजीलाल गुप्ता ने नियमानुसार गेहूं की गुणवत्ता जांच की। जांच में एक ट्रॉली में कीड़े और कचरा पाया गया, जिससे वह मानकों पर खरा नहीं उतरा।
नियमों के तहत सर्वेयर ने पंचनामा तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी और उस ट्रॉली के गेहूं को रिजेक्ट कर दिया। यह निर्णय पूरी तरह से सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बताया जा रहा है।
गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद
सर्वेयर के अनुसार, गेहूं रिजेक्ट किए जाने से समिति प्रबंधक परमलाल पटेल नाराज हो गया। वह मौके पर पहुंचा और आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

लोहे की परखी से हमला करने की कोशिश
पीड़ित सर्वेयर कुंजीलाल गुप्ता ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान आरोपी ने पहले थप्पड़ मारे और फिर लोहे की परखी उठाकर उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। स्थिति गंभीर होते देख सर्वेयर ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।
थाने में शिकायत, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद सर्वेयर ने लवकुशनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
खरीदी प्रक्रिया पर उठे सवाल
यह घटना खरीदी केंद्रों और वेयरहाउस में चल रही व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। सर्वेयर का कहना है कि उनका काम केवल गेहूं की गुणवत्ता की जांच करना है, और खराब अनाज को रिजेक्ट करना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके साथ इस तरह की हिंसा होना न केवल चिंताजनक है, बल्कि व्यवस्था की कमजोरी को भी उजागर करता है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपों की पुष्टि की जा रही है और आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लवकुशनगर की यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था और नियमों के पालन पर हमला मानी जा सकती है। यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे सकता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।