सागर। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित “कॉलेज चलो अभियान” के द्वितीय चरण के अंतर्गत Government Arts and Commerce Lead College Sagar ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए व्यापक जनजागरण अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत महाविद्यालय की टीम स्कूलों तक पहुंचकर विद्यार्थियों और पालकों को उच्च शिक्षा, ई-प्रवेश प्रक्रिया तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की जानकारी दे रही है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता एवं प्रवेश प्रभारी प्रो. विनय शर्मा के मार्गदर्शन में प्राध्यापकों का दल शहर के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचा। टीम में डॉ. संगीता कुंभारे, डॉ. संदीप सबलोक और डॉ. सुनील प्रजापति शामिल रहे।

ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय से हुई शुरुआत
अभियान के तहत महाविद्यालय की टीम ने सबसे पहले शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय का दौरा किया। यहां उच्च माध्यमिक शिक्षक शिवचरण अहिरवार एवं श्रीमती कविता शर्मा के सहयोग से छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, डिजिटल संसाधनों और विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके बाद टीम Swedish Mission School पहुंची, जहां प्राचार्य आर.ए.के. सिंह के सहयोग से शिक्षकों और अभिभावकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

पालकों की जिज्ञासाओं का किया समाधान
बैठक के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान केवल विद्यार्थियों से ही नहीं बल्कि अभिभावकों से भी खुलकर चर्चा की गई। अभिभावक श्रीमती निशा उसरेठे ने प्रवेश प्रक्रिया और छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका टीम द्वारा तत्काल समाधान किया गया।
वहीं छात्रा वैष्णवी उसरेठे सहित अन्य विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में संचालित एनसीसी, एनएसएस और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति उत्साह व्यक्त किया। प्राध्यापकों ने बताया कि अग्रणी महाविद्यालय विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी अवसर प्रदान करता है।

“उच्च शिक्षा व्यक्तित्व विकास का माध्यम”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. संगीता कुंभारे ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का मार्ग है।
उन्होंने छात्राओं और अभिभावकों को बताया कि महाविद्यालय में सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्राओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं उपलब्ध हैं, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करती हैं।
ई-प्रवेश प्रक्रिया की दी जानकारी
डॉ. संदीप सबलोक ने विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम और ई-प्रवेश प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 मई से ई-प्रवेश पोर्टल शुरू हो चुका है और विद्यार्थी मोबाइल ऐप तथा ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से आसानी से प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीकी परेशानियों से बचाने के लिए महाविद्यालय स्तर पर लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार संकायों का चयन कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ड्रॉप-आउट रेट को शून्य तक लाना है और हर विद्यार्थी को उच्च शिक्षा से जोड़ना है।

संकाय परिवर्तन और डिजिटल जागरूकता पर भी जोर
डॉ. सुनील प्रजापति ने विद्यार्थियों को संकाय परिवर्तन के लिए पात्रता प्रमाण पत्र की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
इसके अलावा महाविद्यालय टीम ने विद्यालयों के स्टूडेंट व्हाट्सएप ग्रुप में महाविद्यालय की उपलब्धियों, गतिविधियों और प्रवेश संबंधी जानकारी वाले वीडियो और संदेश भी साझा किए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों तक सही जानकारी डिजिटल माध्यम से पहुंचाना है।
शिक्षा को बनाया जा रहा सुलभ
महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि अब उच्च शिक्षा हर विद्यार्थी की पहुंच में है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए महाविद्यालय लगातार प्रयास कर रहा है।
अभियान के सफल संचालन में सहयोग देने वाले विद्यालय प्राचार्यों, शिक्षकों और शैक्षणिक स्टाफ के प्रति महाविद्यालय प्रशासन ने आभार व्यक्त किया है।