कीचड़ भरे रास्तों और नालों को पार कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने पूरी की जनगणना !

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सागर। कार्य के प्रति समर्पण और आमजन की सुविधाओं की चिंता हो तो कठिन रास्ते भी हौसलों को नहीं रोक पाते। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण सागर नगर की जोन क्रमांक 4, सर्किल 5 की बीएलबी क्रमांक 0035 की प्रगणक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हेमलता अहिरवार ने प्रस्तुत किया है।

Sant Ravidas Ward के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर उन्होंने जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया।

तंग रास्तों और कीचड़ के बीच पहुंचीं मजदूर परिवारों तक

नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले संत रविदास वार्ड को प्रदेश के सबसे बड़े वार्डों में गिना जाता है। इस वार्ड की मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर अंदर स्थित बामनखेड़ी क्षेत्र तक पहुंचना आसान नहीं था।

तंग, टेढ़े-मेढ़े और कीचड़ से भरे रास्तों के साथ बीच-बीच में नालों को पार करते हुए श्रीमती हेमलता अहिरवार ईंट भट्ठों, खेत-खलिहानों और ग्रामीण क्षेत्र से लगे मजदूर परिवारों के घरों तक पहुंचीं। वहां निवासरत परिवारों के मकानों की गणना कर उन्होंने अपने बीएलबी क्षेत्र का कार्य पूरा किया।

स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थान ऐसे थे जहां वाहन पहुंचना संभव नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने पैदल चलकर घर-घर पहुंचने का कार्य किया।

“जनगणना सिर्फ आंकड़ों का काम नहीं”

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हेमलता अहिरवार ने बताया कि यह कार्य कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी Pratibha Pal के निर्देशों तथा नगर निगम कमिश्नर Rajkumar Khatri के मार्गदर्शन में पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और शासकीय योजनाओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

हेमलता अहिरवार के अनुसार दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों तक पहुंचकर उनकी सही जानकारी दर्ज करना भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद जरूरी होता है।

विकास योजनाओं का आधार बनती है सही जानकारी

उन्होंने बताया कि ईंट भट्ठों और खेतों के पास रहने वाले कई परिवार ऐसे हैं जो मुख्य आबादी से दूर रहते हैं। यदि उनकी सही जानकारी दर्ज न हो तो वे कई शासकीय योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं।

ऐसे परिवारों की गणना से भविष्य में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, संसाधनों की उपलब्धता और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

हेमलता अहिरवार ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कार्य करना चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन समाज के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने की संतुष्टि सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

समर्पण और जिम्मेदारी की मिसाल

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी उनके कार्य की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में मैदानी कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम होती है।

कठिन रास्तों, कीचड़ और असुविधाओं के बावजूद जिस तरह से हेमलता अहिरवार ने अपने दायित्व का निर्वहन किया, वह अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।

सागर नगर निगम और प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इसी तरह के समर्पण और जिम्मेदारी के साथ जनगणना कार्य को आगे भी सफल बनाया जाएगा, ताकि समाज के हर वर्ग तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

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