सागर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खमकुआ में आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों की सौगात देते हुए 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का भूमिपूजन तथा विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल वृक्षारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “वृक्ष लगाना ही नहीं, उनकी रक्षा और सुरक्षा करना भी हमारा दायित्व है। यदि लगाए गए पौधों को संरक्षित नहीं किया गया तो वृक्षारोपण का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।” उन्होंने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का उद्देश्य भी यही है कि मानसून आने से पहले लगाए गए पौधों को शुरुआती दिनों में पर्याप्त देखभाल और पानी मिल सके। यदि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसकी नियमित देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण का अभियान एक जनआंदोलन बन सकता है।
33/11 केवी सब स्टेशन से बदलेगी बिजली व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ग्राम खमकुआ के लिए स्वीकृत 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का भूमिपूजन किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र के लगभग 10 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा बेहतर विद्युत आपूर्ति की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि सब स्टेशन के निर्माण के बाद क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से भी राहत मिलेगी। इसका लाभ किसानों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से मिलेगा। किसानों को कृषि पंपों के संचालन के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी, जिससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि इससे कृषि, शिक्षा, उद्योग और रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सब स्टेशन क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का मिला लाभ
अपने संबोधन में मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे खेती-किसानी में राहत मिल रही है। वहीं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी है। इससे लाखों महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लाखों रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के जरिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और संबल जैसी योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा
गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। गांव-गांव तक विकास पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने से लोगों का जीवन स्तर सुधर रहा है और नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और “एक पेड़ मां के नाम” तथा “एक पेड़ आने वाली पीढ़ियों के नाम” अवश्य लगाएं।
ग्रामीणों ने जताया आभार
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र को मिली विकास परियोजनाओं और विशेष रूप से 33/11 केवी सब स्टेशन की सौगात के लिए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि इस परियोजना से क्षेत्र की वर्षों पुरानी बिजली समस्याओं का समाधान होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और विकास के संतुलित दृष्टिकोण का प्रतीक बनकर सामने आया। एक ओर जहां वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देकर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। यह आयोजन लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विकास के प्रति विश्वास मजबूत करने वाला साबित हुआ।