विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक चलेगा विशेष जन-अभियान, प्रदेशभर में होंगे वृक्षारोपण, जनकल्याण शिविर और योग कार्यक्रम !

Spread the love

मध्यप्रदेश में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक जनकल्याण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और योग जागरूकता को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों, विकासखंडों और नगरीय निकायों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य आमजन को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्तों एवं जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर इन कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी जिलों को समन्वित रूप से कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण, जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का पंजीयन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा योग जागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान से होगी शुरुआत

अभियान की शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम से होगी। इस विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पीपल, नीम, बरगद और आम जैसे वृक्षों के पौधे लगाए जाएंगे।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस अभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। पर्यावरण विभाग को इस कार्यक्रम का नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, वन तथा उद्यानिकी विभाग सहयोगी भूमिका निभाएंगे।

स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान के दौरान प्लास्टिक अपशिष्ट को हटाने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, छात्रावासों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक परिसरों में सफाई अभियान संचालित किए जाएंगे।

इसके अलावा तालाबों, कुओं, नदियों और अन्य जल स्रोतों की सफाई एवं गहरीकरण जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। जल संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे ताकि आमजन जल संकट के समाधान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

12 से 18 जून तक लगेंगे जनकल्याण शिविर

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि 12 जून से 18 जून 2026 के बीच प्रत्येक विकासखंड एवं नगरीय निकाय मुख्यालय पर तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ऐसे पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से जोड़ना है जो अब तक विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर सके हैं।

शिविरों में आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वय वंदना योजना, पीएम सूर्य घर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, लखपति दीदी योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए पंजीयन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की कमी न रहे।

शिकायतों के त्वरित निराकरण पर रहेगा फोकस

जनकल्याण शिविरों के दौरान आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत निराकरण के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे। इससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच आमजन तक और अधिक प्रभावी रूप से हो सकेगी।

विकास कार्यों की प्रदर्शनी और सफलता की कहानियां भी होंगी शामिल

मुख्य सचिव ने बताया कि जनसंपर्क विभाग के सहयोग से केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों तथा विकास कार्यों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिकों को शासन की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा सफलता की कहानियों का प्रस्तुतीकरण, हितग्राहियों के अनुभव साझा करना, चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को अभियान से जोड़ा जा सके।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं

प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 19 और 20 जून को प्रत्येक जिले में दो स्थानों पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं में कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और अनुभवी किसान प्राकृतिक खेती की तकनीकों, लाभों और व्यवहारिक पहलुओं पर प्रशिक्षण देंगे।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग को इस कार्यक्रम का नोडल विभाग बनाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि प्राकृतिक खेती के प्रसार से कृषि लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर होगा अभियान का समापन

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अभियान का समापन किया जाएगा। प्रदेश के सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योगाभ्यास आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कराया जाएगा।

जहां संभव होगा, वहां योग दिवस से पूर्व एक सप्ताह तक प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग योग से जुड़ सकें और स्वस्थ जीवनशैली को अपना सकें।

मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों और नोडल विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आयोजनों में वाहनों के उपयोग को न्यूनतम रखा जाए तथा कार्यक्रम स्थलों एवं मुख्य अतिथियों के चयन के लिए संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त किया जाए।

सागर जिले में एनआईसी कक्ष से आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संभाग आयुक्त श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेशभर में आयोजित होने वाला यह विशेष अभियान पर्यावरण संरक्षण, जनसेवा और जनभागीदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *