मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में जंगली हाथी के हमले में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना अमलाई थाना क्षेत्र के केशवाही वन परिक्षेत्र स्थित गिरवा गांव में बुधवार देर रात हुई। बताया जा रहा है कि हाथी खेत में बने मकान में घुस गया, जहां किसान अपने परिवार के साथ रुके हुए थे।
हमले में किसान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मवेशी भी हाथी के हमले का शिकार हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।
खेत में बने घर में रुका था परिवार
मृतक किसान की पहचान कुदरा टोला गिरवा निवासी छोटे लाल सिंह (50) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, किसान अपने परिवार के साथ खेत में बने घर में रात गुजार रहे थे।
देर रात अचानक जंगली हाथी गांव की ओर पहुंच गया। हाथी की आहट सुनकर परिवार के अन्य सदस्य घबरा गए और किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। लेकिन छोटे लाल सिंह समय रहते बाहर नहीं निकल सके।

इसी दौरान हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि परिवार के लोग कुछ भी नहीं कर सके। हाथी के हमले में एक मवेशी की भी मौत हो गई।
गांव में फैला भय और दहशत
घटना के बाद गिरवा गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से हाथी क्षेत्र में घूम रहा था और लोग लगातार भय के साये में जीवन जी रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार, रात होते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। किसानों को अपनी फसलों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सताने लगी है।
कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाथी की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी।
वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और अमलाई पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। मृतक किसान के परिजनों को तत्काल राहत राशि और मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पहले से सक्रिय था हाथी
वन विभाग के अनुसार, यह जंगली हाथी पिछले कई दिनों से अनूपपुर और शहडोल जिले की सीमा के आसपास विचरण कर रहा था। विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को पहले ही सतर्क रहने की चेतावनी दी थी।
इसके बावजूद हाथी आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया और यह दुखद घटना हो गई। अधिकारियों का कहना है कि जंगली हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी, लेकिन हाथी अचानक गांव की ओर बढ़ गया।
20 किलोमीटर दूर पहुंचा हाथी
केशवाही रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि घटना के बाद हाथी करीब 20 किलोमीटर दूर अतरिया क्षेत्र की ओर चला गया है।
वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है ताकि वह किसी अन्य गांव में प्रवेश न कर सके और आगे कोई जनहानि न हो। विभाग ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सीमित होते क्षेत्र और भोजन-पानी की तलाश में वन्यजीवों के गांवों की ओर आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को केवल चेतावनी जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में गश्त, सुरक्षा दल और त्वरित बचाव व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथी प्रभावित गांवों में विशेष निगरानी रखी जाए और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की भी मांग की है।
यह घटना एक बार फिर जंगलों से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों के बढ़ते खतरे और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जरूरत को उजागर करती है।