शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (अग्रणी) सागर में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तहत 15 दिवसीय रोजगार परक चित्रकला प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका समापन 14 दिसंबर 2024 को किया गया। कार्यशाला का समापन समाजसेवी एवं लीगल राइट्स काउंसिल की अध्यक्ष श्रीमती अनुश्री शैलेंद्र जैन ने किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता ने की।

कार्यशाला का उद्देश्य और महत्व
यह कार्यशाला विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसरों की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसमें चित्रकला के विभिन्न आयामों जैसे फेब्रिक पेंटिंग, वॉटरकलर, स्केचिंग और टी-शर्ट पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को न केवल कला के क्षेत्र में पारंगत बनाने के लिए था, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के प्रति भी प्रेरित किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती अनुश्री शैलेंद्र जैन ने अपने संबोधन में कहा कि कला आत्मविकास का एक सशक्त माध्यम है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभकारी साबित होते हैं। इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थी अपने अध्ययन के साथ-साथ अन्य कलाओं में भी निपुण होते हैं, जो उनके आत्मविश्वास और भविष्य को मजबूत करता है।

कार्यशाला का परिणाम और विद्यार्थियों की भागीदारी
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने 600 से अधिक कार्डसीट, टी-शर्ट पेंटिंग तथा चित्रकला के विभिन्न रूपों जैसे वॉटर पेंटिंग और स्केचिंग के पोस्टर्स का निर्माण किया। इस कार्यशाला में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न कलाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता ने कार्यशाला में विद्यार्थियों द्वारा की गई कला कृतियों का निरीक्षण किया और उनके प्रयासों को सराहा। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि महाविद्यालय में इस प्रकार के नवाचार और कार्यशालाओं के आयोजन से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलती है।

विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ प्रतिभा जैन ने विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के तहत महाविद्यालय में करियर और रोजगार संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत छात्रों को रोजगार के अवसर और करियर से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है।
अन्य अतिथि और उपस्थिति
समापन समारोह में राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डॉ अभिलाषा जैन और डॉ राणा कुंजर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और इस अवसर का लाभ उठाया।

इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को न केवल कला में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं। महाविद्यालय में इस तरह के आयोजन निरंतर जारी रहेंगे, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक साबित होंगे।