शासकीय भवनों पर लगेंगे सोलर रूफटॉप प्लांट, रेस्को मोड के तहत 8 जून को होगा त्रिपक्षीय पीपीए हस्ताक्षर !

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सागर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में सागर जिले में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। योजना के तहत जिले के सभी शासकीय भवनों पर शून्य निवेश (जीरो इन्वेस्टमेंट) मॉडल के आधार पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसी क्रम में रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (RESCO) मोड अंतर्गत त्रिपक्षीय पावर परचेज एग्रीमेंट (Tripartite Power Purchase Agreement – PPA) हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन 8 जून 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में किया जाएगा।

भारत सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना, विद्युत व्यय में कमी लाना तथा स्वच्छ और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत शासकीय विभागों को सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए किसी प्रकार का प्रारंभिक निवेश नहीं करना होगा। इसके बजाय रेस्को मॉडल के माध्यम से निजी विकासक संयंत्र स्थापित करेंगे और विभाग निर्धारित दर पर उत्पादित बिजली का उपयोग करेंगे।

रेस्को मोड को “Zero Investment, Savings from Day One, Moving Towards Net Zero” की अवधारणा पर आधारित बताया गया है। इस मॉडल में सरकारी कार्यालय बिना पूंजीगत व्यय किए सौर ऊर्जा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इससे बिजली बिल में कमी आएगी और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

योजना के तहत प्रत्येक विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO), मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम तथा चयनित रेस्को विकासक के बीच त्रिपक्षीय पावर परचेज एग्रीमेंट हस्ताक्षरित किया जाएगा। यह अनुबंध सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव तथा बिजली आपूर्ति संबंधी सभी शर्तों और जिम्मेदारियों को निर्धारित करेगा।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना शासन की उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। राज्य और केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर इसके क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य शासकीय भवनों को ऊर्जा दक्ष बनाना तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को अधिकतम स्तर तक बढ़ाना है।

कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाला हस्ताक्षर कार्यक्रम जिला प्रशासन, ऊर्जा विकास निगम और संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन 8 जून को टीएल बैठक के उपरांत किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा पावर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे जिले में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों एवं समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह शासन की प्राथमिकता वाली परियोजना है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आवश्यक दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित रहने को कहा गया है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित होने से न केवल बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि यह पहल आम नागरिकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और निजी संस्थानों तथा नागरिकों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से देशभर में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। सागर जिले में आयोजित यह पीपीए हस्ताक्षर कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके सफल क्रियान्वयन से जिले के शासकीय भवन ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और आर्थिक बचत के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित कर सकेंगे।

प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले समय में जिले के अधिकांश शासकीय भवन सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली से जुड़ेंगे और हरित ऊर्जा के उपयोग में सागर प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल होगा।

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