सागर, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय संभागीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), सागर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। संस्थान प्रशासन ने इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीयन और चॉइस फिलिंग करने की अपील की है।
नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा प्रदेश भर के एमपी ऑनलाइन कियोस्क केंद्रों के जरिए भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। संस्थान प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑफलाइन सहायता व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है, जिसके अंतर्गत छात्र सीधे आईटीआई परिसर पहुंचकर पंजीयन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
शासकीय संभागीय आईटीआई सागर लंबे समय से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हजारों युवा आज विभिन्न सरकारी, निजी और औद्योगिक संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी रोजगारोन्मुखी एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप कई ट्रेड्स में प्रवेश दिए जा रहे हैं।

संस्थान में इस सत्र के दौरान पारंपरिक तकनीकी ट्रेड्स के साथ-साथ आधुनिक और उन्नत तकनीकी पाठ्यक्रमों में भी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रमुख ट्रेड्स में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, वेल्डर, कोपा (कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट), स्टेनो तथा स्विंग टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इन ट्रेड्स की उद्योगों और रोजगार बाजार में लगातार मांग बनी हुई है, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं।
इसके अतिरिक्त ऑटोमोबाइल और मैकेनिकल क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए ट्रैक्टर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, मोटर मैकेनिक तथा रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग (आरएसी) जैसे ट्रेड्स भी संचालित किए जा रहे हैं। इन ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए निजी उद्योगों, सर्विस सेक्टर तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।
इस वर्ष की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बदलती तकनीकी आवश्यकताओं और आधुनिक उद्योगों की मांग को ध्यान में रखते हुए संस्थान में दो नए हाई-टेक ट्रेड्स की शुरुआत की जा रही है। इनमें ड्रोन तकनीशियन (Drone Technician) और फूड प्रोसेसिंग तकनीशियन (Food Processing Technician) प्रमुख हैं।
ड्रोन तकनीक वर्तमान समय में कृषि, सुरक्षा, सर्वेक्षण, फोटोग्राफी, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक निरीक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में तेजी से उपयोग की जा रही है। ऐसे में ड्रोन तकनीशियन ट्रेड युवाओं के लिए भविष्य की तकनीक से जुड़ने और रोजगार के नए अवसर प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकता है।
वहीं फूड प्रोसेसिंग तकनीशियन ट्रेड के माध्यम से विद्यार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और खाद्य उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। भारत में तेजी से बढ़ रहे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को देखते हुए इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं।
संस्थान प्रशासन का मानना है कि इन नए ट्रेड्स की शुरुआत से युवाओं को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्राप्त होगा और वे रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आईटीआई परिसर में विशेष ‘हेल्प डेस्क एवं काउंसलिंग सेल’ का गठन किया गया है। यह सेल प्रवेश प्रक्रिया, ट्रेड चयन, करियर विकल्पों तथा अन्य तकनीकी जानकारियों से संबंधित समस्याओं के समाधान में विद्यार्थियों की सहायता करेगा।
संस्थान प्रशासन ने बताया कि अभ्यर्थी किसी भी कार्य दिवस में आईटीआई परिसर पहुंचकर विशेषज्ञों से निःशुल्क करियर परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप ट्रेड चुनने में सहायता मिलेगी।
प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी सीधे शासकीय संभागीय आईटीआई सागर परिसर में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त संस्थान द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9893515728 एवं 8839110762 पर भी संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
संस्थान प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग पूर्ण करें। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कौशल आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। आईटीआई केवल प्रशिक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भरता का द्वार है। कौशल विकास के माध्यम से ही रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए रास्ते खुलेंगे।
30 जून तक चलने वाली प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।