शेयर बाजार अगले हफ्ते बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत में: ईरान-यूएस तनाव, FIIs की बिकवाली और क्रूड ऑयल पर नजर !

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मुंबई। 25 मई से शुरू होने वाले कारोबारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और तकनीकी चार्ट के महत्वपूर्ण स्तर बाजार की दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हफ्ता बाजार के लिए “ब्रेकआउट या करेक्शन” वाला साबित हो सकता है।


📉 सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स बने निर्णायक

वेल्थ व्यू एनालिटिक्स के अनुसार निफ्टी और सेंसेक्स के लिए इस समय कई अहम स्तर काम कर रहे हैं।

सपोर्ट जोन:
23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,798 | 22,558

सपोर्ट वे स्तर होते हैं जहां खरीदारी बढ़ने से इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है।

रेजिस्टेंस जोन:
23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382

रेजिस्टेंस वे स्तर होते हैं जहां बिकवाली बढ़ने से बाजार ऊपर जाने में रुकावट महसूस करता है। अगर इंडेक्स इन स्तरों को पार करता है तो तेज़ी की नई लहर देखने को मिल सकती है।


🌍 1. ईरान-यूएस शांति समझौते की उम्मीद

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया दावे के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने का समझौता लगभग अंतिम चरण में है। खाड़ी देशों और इजरायल के साथ बातचीत के बाद इस दिशा में प्रगति बताई जा रही है।

अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा खुलता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई में सुधार होगा क्योंकि दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आ सकती है और भारतीय बाजार में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।


💰 2. FIIs की भारी बिकवाली और DIIs की मजबूती

विदेशी निवेशकों (FIIs) ने हाल ही में ₹4,440 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,003 करोड़ की खरीदारी की।

साल 2026 में अब तक FIIs लगभग ₹2.22 लाख करोड़ के शेयर बेच चुके हैं। लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बनाए हुए है, लेकिन DIIs की खरीदारी से गिरावट पर कुछ हद तक रोक लगी हुई है।


🌐 3. ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेत

अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
डाऊ जोन्स 294 अंक (0.58%) की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि S&P 500 में भी हल्की तेजी रही।
हालांकि नैस्डैक में 0.19% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे टेक सेक्टर में हल्का दबाव दिखा।

ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने टेक और चिप कंपनियों को सपोर्ट दिया, लेकिन निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।


📊 4. टेक्निकल चार्ट क्या कह रहे हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार सेंसेक्स फिलहाल 75,400 से 75,600 के दायरे में ट्रेड कर रहा है।

ऊपरी स्तर पर 75,800–76,000 बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे 74,600–74,400 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

निफ्टी के लिए 23,800–24,000 का जोन बड़ा अवरोध है। वहीं नीचे 23,150–23,250 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर मजबूती से निकलता है तो यह 24,500–24,650 तक जा सकता है।


🛢️ 5. कच्चे तेल की कीमतें सबसे बड़ा फैक्टर

ब्रेंट क्रूड इस समय लगभग $103.54 प्रति बैरल पर है, जबकि WTI क्रूड $97 के आसपास ट्रेड कर रहा है।

तेल की कीमतें भारतीय बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे महंगाई, कंपनियों के मुनाफे और विदेशी निवेश पर सीधा असर पड़ता है। अगर ईरान-यूएस तनाव कम होता है तो तेल कीमतों में गिरावट आ सकती है, जिससे बाजार को राहत मिलेगी।


कुल मिलाकर अगले हफ्ते बाजार पूरी तरह “इवेंट ड्रिवन” रहने वाला है।
यदि कच्चे तेल में गिरावट आती है और विदेशी संकेत मजबूत होते हैं तो बाजार में तेजी संभव है।
वहीं FIIs की लगातार बिकवाली और रेजिस्टेंस लेवल टूटने में असफलता बाजार को दबाव में रख सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय निवेशकों को “सतर्क लेकिन अवसरवादी” रणनीति अपनानी चाहिए।


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