मुंबई में शुक्रवार, 29 मई को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार भारी दबाव में नजर आया और कारोबार खत्म होते-होते सेंसेक्स 1092 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 74,775 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 359 अंक टूटकर 23,547 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।
दिनभर के कारोबार में सबसे ज्यादा बिकवाली मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में 3 से 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर मानसून की आशंकाओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।
बाजार में गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण
1. अमेरिका-ईरान समझौते पर अनिश्चितता
वैश्विक बाजारों में इस समय सबसे बड़ी चिंता अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज रूट से शिपिंग प्रतिबंध हटाने पर सहमति बन सकती है। हालांकि अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मंजूरी का इंतजार है, जबकि ईरानी मीडिया ने कहा है कि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। इस अनिश्चितता ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने बुधवार को ही करीब 1,043 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए थे।
इस साल अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से करीब 24.3 बिलियन डॉलर निकाल चुके हैं। यह निकासी वर्ष 2025 के रिकॉर्ड स्तर से भी ज्यादा बताई जा रही है। लगातार हो रही बिकवाली के कारण बाजार में कमजोरी बढ़ती जा रही है।
3. कमजोर मानसून की आशंका
भारतीय मौसम विभाग यानी IMD द्वारा मानसून के अनुमान में कटौती ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है। पहले जहां मानसून सामान्य से 92 प्रतिशत रहने का अनुमान था, उसे घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसका सीधा असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इसके अलावा प्रशांत महासागर में “अल नीनो” प्रभाव बढ़ने की संभावना भी भारत के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है। कृषि आधारित कंपनियों और ग्रामीण मांग पर निर्भर सेक्टर्स के शेयरों में इसका असर साफ दिखाई दिया।
4. निफ्टी 24 हजार के स्तर से नीचे
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,000 के स्तर को पार कर मजबूती से टिक नहीं जाता, तब तक बाजार में बड़ी तेजी की संभावना कम बनी रहेगी।
फिलहाल बाजार 23,800 से 24,000 के सीमित दायरे में फंसा हुआ है। इसी वजह से ट्रेडर्स मुनाफावसूली कर रहे हैं और छोटी तेजी आते ही बिकवाली बढ़ जाती है।
5. इंडिया VIX में तेज उछाल
बाजार में डर और अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX शुक्रवार को करीब 6 प्रतिशत चढ़कर 15.91 पर पहुंच गया। VIX का बढ़ना इस बात का संकेत माना जाता है कि निवेशकों में डर बढ़ रहा है और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक जब VIX तेजी से ऊपर जाता है, तो इसका मतलब होता है कि बाजार में खरीदारों से ज्यादा विक्रेता सक्रिय हैं।
एशियाई बाजारों में रही तेजी
भारतीय बाजार में गिरावट के बावजूद एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3.55 प्रतिशत चढ़ा।
- जापान का निक्केई 2.53 प्रतिशत मजबूत हुआ।
- हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुआ।
इससे साफ है कि भारतीय बाजार पर घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के दबाव काम कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों में भी रही मजबूती
गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई थी।
- डाउ जोन्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।
- नैस्डैक में करीब 0.91 प्रतिशत की तेजी रही।
- S&P 500 इंडेक्स भी मजबूत होकर बंद हुआ।
इसके बावजूद भारतीय बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
आज के कारोबार में बैंकिंग, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम वाले सेक्टर्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही और वैश्विक अनिश्चितता बनी रही तो आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में घबराकर निवेश निकालने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बाजार अभी काफी अस्थिर बना हुआ है और किसी भी खबर का असर बाजार पर तेजी से दिखाई दे सकता है।