मदन मोहन के गीतों पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन
सागर, 19 दिसंबर 2024:
सागर जिले में संगीत कला को स्थानीय स्तर पर मंच देने का महत्वपूर्ण प्रयास जारी है। इसी दिशा में सागर ड्रीम्स के छठे संस्करण के तहत “अगर मुझसे मोहब्बत है” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रसिद्ध संगीतकार मदन मोहन के संगीतबद्ध गीतों और ग़ज़लों पर आधारित था। कार्यक्रम का आयोजन सागर के शासकीय कन्या महाविद्यालय में किया गया, जिसमें विभिन्न कलाकारों ने अपने संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान करना था, ताकि वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें और अपने टैलेंट को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सागर ड्रीम्स के माध्यम से सागर जिले के कलाकारों को उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम हर 15 दिन में आयोजित किया जाता है, जिसमें सागर के विभिन्न कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मनोरंजन करते हैं।
कार्यक्रम में सहभागिता:
इस विशेष कार्यक्रम में सागर जिले की विभिन्न आयु श्रेणियों के कलाकारों ने भाग लिया, जिनकी उम्र 6 से 14 वर्ष, 15 से 30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक थी। यह कार्यक्रम सागर की छिपी हुई संगीत प्रतिभाओं को मंच देने के लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हुआ। विशेष रूप से मदन मोहन के गीतों ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। मदन मोहन का संगीत अपने मधुर सुरों और भावनाओं की गहराई के लिए जाना जाता है, और इस कार्यक्रम ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि उनका संगीत अमर है।

श्री रूपेश उपाध्याय का उद्घाटन सम्बोधन:
अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय ने उद्घाटन संबोधन में कहा, “संगीत कला की पहचान तब ही बनती है जब उसे सही प्लेटफार्म मिलता है। सागर ड्रीम्स का उद्देश्य यही है कि हमारे स्थानीय कलाकार अपनी कला को प्रदर्शित कर सकें और एक व्यापक मंच तक अपनी पहुँच बना सकें। यह कार्यक्रम हर 15 दिन में आयोजित किया जाता है और इसमें सागर के स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रस्तुतियों के लिए अवसर मिलते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन होता है, बल्कि यह सागर के सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य को भी समृद्ध बनाता है। मदन मोहन के संगीत का जादू हमेशा लोगों के दिलों में रहेगा और इस प्रकार के कार्यक्रम उनकी यादों को ताजा करते हैं।

कार्यक्रम की संरचना:
कार्यक्रम की संरचना और प्रस्तुति में कई विशेषज्ञों और संगीत प्रेमियों का योगदान था। शासकीय कन्या महाविद्यालय सागर के प्राचार्य श्री आनंद तिवारी ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और संगीत कला की महत्ता पर अपने विचार साझा किए। संगीत विभाग के प्रोफेसर श्री प्रेम कुमार चतुर्वेदी, श्री हरिओम सोनी जैसे सम्मानित अतिथियों ने भी इस कार्यक्रम को संजोने में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कुछ प्रमुख व्यक्ति थे –
- सुश्री खुशबू पटेल, श्री मुकेश पटेल और श्री मनीष माहौर ने कार्यक्रम की प्रस्तुति एवं रूपरेखा में अहम योगदान दिया।
- श्री अमित मिश्रा जी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
- वाद्य यंत्रों पर ढोलक पर श्री मयंक विश्वकर्मा, ऑक्टोपैड पर श्री डेनी जी और सिंथेसाइज़र पर श्री महेश चौबे जी ने संगत दी, जो कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।

प्रमाण पत्र वितरण और समापन:
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे उन्हें उनके संगीत कला के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम सागर जिले के संगीत प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ, जिसने न केवल मदन मोहन के संगीत की धरोहर को सम्मानित किया, बल्कि स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान कर उनके प्रयासों को सराहा।
सागर ड्रीम्स के इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि सागर में संगीत कला का काफी समृद्ध इतिहास है और यहां के कलाकारों में अद्वितीय प्रतिभा है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल कला का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि यह क्षेत्रीय संस्कृति को भी सशक्त करता है। ऐसे आयोजन आगे भी होते रहें, ताकि सागर जैसे शहरों में छिपी प्रतिभाएं और भी सामने आ सकें।