सड़क किनारे खड़े हाईवा से टकराई बाइक, 66 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत !

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दमोह। मध्यप्रदेश के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वे सड़क किनारे खड़े एक हाईवा डंपर से टकरा गए। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान कोमल पाल (66 वर्ष) निवासी धनगौर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार कोमल पाल शनिवार शाम पाटन क्षेत्र भूसा खरीदने गए थे। वहां से देर रात अपने गांव लौटते समय यह हादसा हो गया।

जानकारी के अनुसार दुर्घटना पाटन-तेंदूखेड़ा मार्ग पर चौधरी वेयर हाउस के सामने हुई। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे एक हाईवा डंपर बंद हालत में खड़ा था। अंधेरे और पर्याप्त संकेतक न होने के कारण बाइक सवार बुजुर्ग सीधे हाईवा से जा टकराए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों ने तुरंत डायल 112 और 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और 108 वाहन के पायलट शंकर यादव तथा डॉ. भगवानदास यादव मौके पर पहुंचे।

घायल बुजुर्ग को तत्काल तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल है।

रविवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सड़क किनारे खड़े हाईवा को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवा और भारी वाहन अक्सर सड़क किनारे बिना किसी चेतावनी संकेत या पार्किंग लाइट के खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि पाटन-तेंदूखेड़ा मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है और कई बार चालक नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं। इससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और हाईवा चालक व वाहन मालिक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वाहन सड़क किनारे किस परिस्थिति में खड़ा था और सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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