मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने और घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘राह-वीर’ योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सीय सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए लोगों को मदद के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
योजना के अनुसार, चयनित राह-वीरों में से सबसे योग्य 10 लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा। यह पहल मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कौन बन सकता है ‘राह-वीर’
योजना के तहत कोई भी व्यक्ति जो सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्परता दिखाते हुए गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करता है, वह ‘राह-वीर’ योजना के लिए पात्र होगा।

गोल्डन ऑवर का अर्थ दुर्घटना के बाद का वह पहला एक घंटा है जिसमें तुरंत उपचार मिलने पर गंभीर घायल व्यक्ति के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मदद करने वाले व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया या पूछताछ का सामना नहीं करना पड़ेगा, ताकि लोग बिना डर और संकोच के आगे आकर मदद कर सकें।
कैसे होगा चयन
योजना के तहत प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में एक मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। यह समिति पुलिस थाना, अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर से प्राप्त जानकारी के आधार पर मामलों की समीक्षा करेगी। समिति में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल रहेंगे।
यह समिति हर महीने प्रस्तावों की समीक्षा कर पात्र राह-वीरों का चयन करेगी। चयनित व्यक्तियों को राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय निगरानी समिति भी बनाई जाएगी, जो हर तीन महीने में योजना की समीक्षा करेगी।
समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल
केंद्र सरकार की पीएम राहवीर योजना की तर्ज पर शुरू की गई यह पहल सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। अक्सर देखा जाता है कि दुर्घटना के बाद लोग कानूनी परेशानियों के डर से घायल की मदद करने से बचते हैं। इस योजना का उद्देश्य ऐसे भय को समाप्त करना और लोगों को मानवता के आधार पर सहायता के लिए प्रेरित करना है।
Pratibha Pal ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं सड़क दुर्घटना दिखाई दे तो घायल व्यक्ति की मदद जरूर करें और उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपकी तत्परता किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है।
कलेक्टर ने कहा कि यह योजना न केवल सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए मददगार है, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को भी मजबूत करेगी।