सागर, मध्य प्रदेश। फसल कटाई के बाद खेतों में खड़ी नरवाई (पराली) जलाने की घटनाएं बढ़ने से सागर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर संदीप जीआर ने नरवाई जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब तक जिले में 75 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और किसानों पर कुल 2.42 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

नरवाई जलाने से होने वाली समस्याएं
कलेक्टर संदीप जीआर ने बताया कि नरवाई जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि जंगलों में आग लगने और पड़ोसी खेतों व घरों को नुकसान पहुंचने का भी खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि किसानों को नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक तरीकों को अपनाना चाहिए, जैसे:
- हैप्पी सीडर और सुपर सीडर मशीन का उपयोग
- नरवाई को जैविक खाद या कंपोस्ट में बदलना
- मल्चर मशीन से अवशेषों का निस्तारण
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
प्रतिबंध के बावजूद कुछ किसान नरवाई जलाने की घटनाओं में शामिल पाए गए हैं। इस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए निम्नलिखित कार्रवाई की है:
- 75 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
- 2.42 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- जुर्माने का स्लैब:
- 2 एकड़ से कम जमीन: 2,500 रुपये
- 2 से 5 एकड़: 5,000 रुपये
- 5 एकड़ से अधिक: 15,000 रुपये

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज एफआईआर
- बीना: 13 एफआईआर (1,06,500 रुपये जुर्माना)
- सागर नगर: 6
- देवरी: 7
- गढ़ाकोटा: 9
- रहली: 4
- जैसीनगर: 1
- शाहगढ़: 3
- राहतगढ़: 2
जागरूकता अभियान
प्रशासन ने किसानों को समझाने के लिए रथ यात्रा निकाली है, जो गांव-गांव जाकर नरवाई प्रबंधन के तरीके बता रही है। इसके अलावा, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार निगरानी करें और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।

सागर प्रशासन का मानना है कि नरवाई जलाने की प्रथा को रोकने के लिए जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई दोनों जरूरी हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नरवाई के वैकल्पिक उपाय अपनाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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