सागर। शहर में बढ़ते संपत्तिकर बकायों को लेकर सागर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने दिसंबर माह को राजस्व वसूली माह घोषित करते हुए राजस्व विभाग को अभियान चलाकर कर वसूली तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में निगम क्षेत्र की निजी और शासकीय दोनों तरह की बड़ी बकाया संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
शासकीय कार्यालयों पर करोड़ों का बकाया
नगर निगम द्वारा जिन शासकीय संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें कई विभागों पर भारी संपत्तिकर बकाया है। प्रमुख बकायेदार इस प्रकार हैं—
- बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) – ₹57,54,309
- सुप्रिडेंट गवर्मेंट आईटीआई – ₹32,08,533
- रेलवे स्टेशन – ₹18,65,646
- पीडब्ल्यूडी शासकीय क्वार्टर – ₹9,36,156
- गर्ल्स डिग्री कॉलेज – ₹9,20,823
- सहोद्रा राय शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज – ₹7,52,506
- बीएमसी वॉयज हॉस्टल – ₹6,74,739
- जिला अस्पताल – ₹6,42,088
- हाईस्कूल स्वीडिश मिशन – ₹5,89,763
- वन विभाग कॉलोनी – ₹5,67,761
- जनजाति बालक छात्रावास – ₹5,60,318
- जनता स्कूल – ₹5,03,020

निगम द्वारा इन संस्थाओं को तय समय सीमा में बकाया जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। समय पर राशि जमा न करने पर नगर निगम अधिनियम के तहत कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
निजी संपत्तिकर के बड़े बकायादार भी निशाने पर
निजी क्षेत्र में भी कई बड़े नाम बकायादारों की सूची में शामिल हैं। इनमें—
- जैन मंदिर ट्रस्ट कोठा मंदिर तारण तरण चैत्यालय – ₹15,56,944
- शोभाराम कालूराम – ₹10,33,082
- भाग्योदय तीर्थ धर्मार्थ ट्रस्ट – ₹7,78,902
- सेठ भगवानदास शोभालाल जैन – ₹5,12,224
- मणीभाईभाडाजी भाई पटेल (शिवा पेपर हाउस) – ₹4,41,459
- गुरुद्वारा वेदी कमेटी – ₹4,18,221
- हरगुनदास/सुंदरदास पंजवानी – ₹3,97,567
- गीता/उद्धवदास दरयानी – ₹3,67,294
इन सभी निजी संपत्तियों को भी निगम ने नोटिस जारी करके निर्धारित समय में कर जमा करने के लिए बाध्य किया है।
कचरा प्रबंधन शुल्क, जलकर व किराया वसूली तेज
अभियान के तहत संपत्तिकर के साथ—
- कचरा प्रबंधन शुल्क
- जलकर
- नगर निगम की दुकानों का किराया
की वसूली भी तेज कर दी गई है। निगम आयुक्त ने कहा कि शहर के विकास कार्यों के लिए करों की समय पर वसूली बेहद जरूरी है।
निगम आयुक्त ने की अपील
आयुक्त राजकुमार खत्री ने सभी बकायादारों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा में बकाया कर जमा कराकर नगर निगम की आर्थिक मजबूती में सहयोग दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार चेतावनी के बाद भी राशि जमा न करने वालों पर कुर्की की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।