सागर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया बुजुर्ग के परिसर में जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट एवं उद्यानिकी विषय पर आधारित अल्पावधि रोज़गारोन्मुखी एवं स्वरोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की लगभग 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री राजेश मिश्रा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए.सी. जैन और ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट ऑफिसर श्री आर.सी. प्रजापति उपस्थित थे। तत्पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री मनीष रजक ने किया और आभार प्रदर्शन सुश्री ऋषिका तिवारी ने किया।

प्राचार्य का उद्बोधन
प्राचार्य डॉ. ए.सी. जैन ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मानव शरीर में अनेक घातक बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं। इसलिए जैविक खेती अपनाना आज की आवश्यकता है। उन्होंने खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

मुख्य वक्ता की जानकारी
मुख्य वक्ता श्री राजेश मिश्रा ने जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट और उद्यानिकी के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को उद्यानिकी और बागवानी के महत्व, औषधीय पौधों की खेती, सब्जियों की जैविक खेती और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

साथ ही उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने की विधि, उसके लाभ और मृदा की उर्वरता बढ़ाने में उसकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों के विशेषज्ञों ने संतोषजनक उत्तर दिए।
प्रशिक्षण का महत्व
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को स्वरोज़गार के लिए सक्षम बनाना और जैविक खेती के माध्यम से कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत करना था। छात्रों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट और उद्यानिकी के आधुनिक तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम ने छात्रों में कृषि और उद्यानिकी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोज़गार और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।