सागर — जिले में गेहूं उपार्जन कार्य को सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत एवं एसडीएम सागर श्री अमन मिश्रा ने विभिन्न उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों द्वारा महाराजा स्व सहायता समूह, तलचिरी तथा सेवा सहकारी समिति, पनारी के उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने गेहूं उपार्जन की संपूर्ण प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया और वहां मौजूद व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से तुलाई व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया।

अधिकारियों ने केन्द्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों से खरीदे जा रहे गेहूं की तुलाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए और शासन द्वारा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि तुलाई में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि अनाज को वैज्ञानिक पद्धति से रखा जाए, जिससे उसकी गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने कहा कि भंडारण के दौरान उचित ढंग से स्टैकिंग की जाए और अनाज को जमीन से ऊपर रखकर नमी से बचाया जाए।
वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश या अधिक नमी की स्थिति में गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, इसलिए उपार्जित अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए और उसके संरक्षण के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। इसके लिए तिरपाल, शेड और अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

अधिकारियों ने उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केन्द्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और समय पर तुलाई जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उपार्जन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित कर्मचारियों और केन्द्र प्रभारियों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सागर जिले में इस तरह की सतत निगरानी और निरीक्षण से उपार्जन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से न केवल उपार्जन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा।
इस प्रकार, जिले में गेहूं उपार्जन कार्य को बेहतर बनाने और किसानों को सुविधाजनक माहौल प्रदान करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है।