सागर जिले के राहतगढ़ क्षेत्र में काले हिरण के शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। वन विभाग ने गुरुवार देर रात बेर्खेड़ी बीट के जंगल में घुसकर अवैध शिकार करने वाले तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से काले हिरण का मांस, खाल, हथियार और सागौन की लकड़ी का जखीरा बरामद किया गया है।

सूचना मिलते ही वन विभाग की नाकाबंदी
वन विभाग को गुरुवार की रात सूचना मिली थी कि टेहरा–टेहरी क्षेत्र में दो कारों में सवार कुछ लोग जंगल में अवैध रूप से प्रवेश कर गए हैं। जानकारी के बाद राहतगढ़ वन परिक्षेत्र की टीम सक्रिय हो गई और जंगल के रास्तों पर नाकाबंदी की गई। जवानों ने झाड़ियों में छिपकर संदिग्ध वाहनों की घात लगाकर निगरानी की।
रात 3 बजे जंगल से लौटते समय पकड़े गए आरोपी
करीब रात 3 बजे दोनों कारें जंगल से बाहर आईं। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर वाहनों को रोक लिया और तीन लोगों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
10 किलो मांस, खाल और 22 बोर राइफल जब्त
कारों की तलाशी में बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हुई—
- करीब 10 किलो काले हिरण का मांस
- मादा काले हिरण की खाल
- 22 बोर की राइफल
- 15 जिंदा कारतूस
- 3 खाली खोखे
- सागौन की लकड़ी
टीम ने सभी जब्त सामग्री के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—
- वसीम खान, निवासी मंडी बामौरा
- ओमकार आदिवासी, निवासी टेहरा-टेहरी
- राजू आदिवासी, निवासी सेमरामेढ़ा
राहतगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी मनीष सिंह ठाकुर ने पुष्टि की कि जब्त किया गया मांस मादा काले हिरण का है।
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि शिकार में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
वन विभाग की इस कार्रवाई को काले हिरण संरक्षण और अवैध शिकार रोकने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।