सागर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, 20 घरेलू सिलेंडर जब्त !

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मध्य प्रदेश के सागर जिला में एलपीजी गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति को लेकर लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। इसी बीच गैस सिलेंडर के अवैध भंडारण और रिफिलिंग की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई दुकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान नेशनल हाईवे-44 के किनारे स्थित दुकानों से 20 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए।


गैस को लेकर लोगों में बढ़ी चिंता

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान‑इजरायल तनाव के कारण एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की चर्चा है। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर की दूसरी बुकिंग का अंतर 25 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में गैस की कमी को लेकर आशंका बढ़ गई है।

इसी वजह से कई गैस एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतारें लगने लगी हैं और लोग अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं।


होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बढ़ी परेशानी

गैस की सप्लाई में कमी का असर सबसे ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने के कारण होटल संचालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति यह है कि कुछ व्यवसायी 935 रुपये में मिलने वाले घरेलू गैस सिलेंडर को 2000 रुपये तक में खरीदने को तैयार हैं, जिससे बाजार में अवैध खरीद-फरोख्त भी बढ़ने लगी है।


प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई

गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार राहुल गौड़ के नेतृत्व में जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।

टीम ने नेशनल हाईवे 44 पर स्थित चितौरा गांव के आसपास दबिश दी। जांच के दौरान हाईवे किनारे स्थित 9 दुकानों में घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध भंडारण पाया गया।


अलग-अलग दुकानों से सिलेंडर जब्त

कार्रवाई के दौरान जिन दुकानों से सिलेंडर जब्त किए गए उनमें कई प्रकार की दुकानें शामिल थीं, जैसे:

  • सैलून
  • सब्जी दुकान
  • किराना दुकान
  • पंचर दुकान

इन दुकानों से कुल 20 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए।

जांच में सामने आया कि इन सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है।


ट्रक चालकों के छोटे सिलेंडर में की जा रही थी रिफिलिंग

जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार हाईवे पर चलने वाले कई ट्रक चालक अपने साथ खाना बनाने के लिए 2 किलो और 5 किलो के छोटे गैस सिलेंडर रखते हैं।

कुछ दुकानदार 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर से इन छोटे सिलेंडरों में अवैध रूप से गैस भरते थे। यह काम सुरक्षा नियमों के खिलाफ है और इससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।


कलेक्टर को भेजा गया कार्रवाई का प्रस्ताव

कार्रवाई में शामिल कनिष्ठ जिला आपूर्ति नियंत्रक निशांत पांडे ने बताया कि जिन दुकानों में अवैध रूप से गैस सिलेंडर रखे पाए गए, उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर कार्यालय को भेज दी गई है। नियमों के अनुसार दोषी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई हो सकती है।


निष्कर्ष:
गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और आपूर्ति की चिंता के बीच अवैध भंडारण और रिफिलिंग की घटनाएं सामने आने लगी हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि गैस की कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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