सागर जिले में इन दिनों घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। गैस की कमी की खबरों के बीच शहर में गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के लिए एजेंसियों के फोन नंबर तक नहीं लग पा रहे हैं और जिन लोगों ने बुकिंग करा ली है उन्हें भी 4 से 5 दिन बाद तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
गैस सिलेंडरों की कमी के चलते लोग अब वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। बाजार में इंडक्शन चूल्हे और कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में इनकी मांग करीब 5 गुना तक बढ़ गई है।

बाजार में बढ़ी इंडक्शन की मांग
शहर के बाजारों में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग इंडक्शन खरीदने पहुंच रहे हैं। कई दुकानों पर इंडक्शन की कमी भी दिखाई देने लगी है। वहीं कुछ ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों पर इंडक्शन चूल्हे आउट ऑफ स्टॉक दिखने लगे हैं और कई साइट्स ने अपने ऑफर भी हटा दिए हैं।
कटरा बाजार स्थित जैन क्राकरी के संचालक अमित कुमार जैन ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में इंडक्शन खरीदने वालों की संख्या अचानक बढ़ी है। उनके अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में अभी चार से पांच गुना ज्यादा मांग हो गई है।
उन्होंने बताया कि अचानक मांग बढ़ने से दुकानों में उपलब्ध माल तेजी से खत्म हो रहा है और नई सप्लाई आने में भी दिक्कत हो रही है, क्योंकि इतनी तेजी से प्रोडक्शन बढ़ाना संभव नहीं हो पाता। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी दुकान पर अभी भी इंडक्शन पहले की कीमतों पर ही बेचे जा रहे हैं, लेकिन कुछ दुकानों पर इनके दाम बढ़ा दिए गए हैं।

कोयले की बिक्री भी बढ़ी
गैस संकट का असर कोयले के बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। चारकोल और हार्डकोल विक्रेताओं के अनुसार इन दिनों कोयले की बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है।
कोयला व्यापारी विनोद कोल ने बताया कि पहले उनकी दुकान पर रोजाना करीब 2 से ढाई क्विंटल कोयला बिकता था, लेकिन अब इसकी मांग बढ़कर 5 से 6 क्विंटल प्रतिदिन तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि कोयला खरीदने वालों में रेस्टोरेंट संचालक, दुकानदार और शादी घरों से जुड़े लोग ज्यादा हैं। हालांकि मांग बढ़ने के बावजूद उन्होंने कोयले की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की है।
रेस्टोरेंट और भोजनालयों ने शुरू की वैकल्पिक व्यवस्था
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से शहर के कई रेस्टोरेंट और भोजनालयों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस नहीं मिलने के कारण कई प्रतिष्ठान बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
इस समस्या से निपटने के लिए कई दुकानदार अब कोयले की भट्टी और डीजल भट्टी बनवाने लगे हैं, ताकि गैस की कमी के बावजूद उनका कारोबार चलता रहे और ग्राहकों को सेवा मिलती रहे।

प्रशासन ने शुरू किया कंट्रोल रूम
इधर गैस की कमी को लेकर फैल रही खबरों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए जिले में गैस की आपूर्ति को सामान्य बताया है।
कलेक्टर संदीप जीआर ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण और गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। यह कंट्रोल रूम कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 141 में स्थापित किया गया है।
उपभोक्ता अपनी समस्या या शिकायत के लिए टेलीफोन नंबर 07582-224543 पर संपर्क कर सकते हैं।
तीन शिफ्ट में लगेगी कर्मचारियों की ड्यूटी

कंट्रोल रूम का प्रभारी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सौरभ यादव को बनाया गया है। कंट्रोल रूम में अधिकारियों और कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है ताकि 24 घंटे निगरानी की जा सके।
- सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक – शिवकुमार साहू और संजय पांडेय
- दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक – मनोज नायक और विकास कोरी
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक – केके श्रीवास्तव और किशन चौरसिया
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे