सागर में नशामुक्त भारत अभियान का जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न !

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भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज अमृतसर से वेवलिंक के माध्यम से वर्चुअली वृहद नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी कड़ी में सागर जिले में स्थानीय स्तर पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में नशे के प्रति चेतना और जागरूकता फैलाना था।

सागर में यह कार्यक्रम रानी दुर्गावती कन्या विद्यालय, कैन्ट बोर्ड, सागर में सम्पन्न हुआ। इसे डीएनसीबी विद्यालय कैन्ट बोर्ड सागर, रानी दुर्गावती कन्या विद्यालय और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सागर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपरिंटेंडेंट कैन्ट बोर्ड, सागर श्री संदीप छाबड़ा ने की।


उपस्थित अधिकारी और सहभागिता

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल थे:

  • डीएनसीबी विद्यालय के प्राचार्य श्री अभिनव राजोरिया
  • रानी दुर्गावती कन्या विद्यालय के शिक्षक श्री वीरेन्द्र कलासिया और श्रीमती अरसी खान
  • संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, डॉ. डी.एस. यादव
  • प्रशासनिक अधिकारी डीडीआरसी सागर श्री शानू हर्षे
  • योजना प्रभारी नशा मुक्ति अभियान, श्री अमित नेमा
  • अन्य अधिकारी, कर्मचारी और समाजसेवी संगठन

कार्यक्रम में लगभग 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया।


जागरूकता और शिक्षा

प्राचार्य श्री अभिनव राजोरिया ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी और स्वयं संकल्प लेकर बच्चों को नशे से दूर रहने की सीख दी।


संयुक्त संचालक डॉ. डी.एस. यादव ने नशा और मादक पदार्थों को सामाजिक बुराइयों की जड़ बताया तथा इनके स्वास्थ्य, मानसिक और पारिवारिक प्रभावों पर प्रकाश डाला।


संकल्प और समापन

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से नशा न करने की ऑनलाइन और ऑफलाइन शपथ दिलाई।
सभी विद्यार्थियों को स्वल्पाहार वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अरसी खान ने किया और आभार श्री आदर्श शेलार, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत सागर ने व्यक्त किया।


इस आयोजन से यह संदेश गया कि शिक्षा संस्थान नशामुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदार बन सकते हैं और बच्चों में नशे के प्रति सही सोच और जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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