सागर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (म.प्र. लोक सेवा आयोग) द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 रविवार को सागर शहर में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गई। यह परीक्षा शहर के कुल 11 परीक्षा केंद्रों पर दो सत्रों में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। प्रशासन द्वारा किए गए सुदृढ़ इंतजामों के चलते परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरी हुई।
जिला मुख्यालय सागर में इस परीक्षा के लिए कुल 4262 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा के पहले सत्र में 3255 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि दूसरे सत्र में 3213 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। उपस्थिति प्रतिशत की बात करें तो प्रथम पाली में 76.4 प्रतिशत और द्वितीय पाली में 75.4 प्रतिशत परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि परीक्षा के प्रति अभ्यर्थियों में उत्साह और गंभीरता बनी हुई है।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर त्रिस्तरीय जांच प्रणाली लागू की गई, जिसके तहत अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले तीन चरणों से गुजरना पड़ा। सबसे पहले हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) के माध्यम से तलाशी ली गई, जिससे किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक या प्रतिबंधित सामग्री को परीक्षा केंद्र में ले जाने से रोका जा सके। इसके बाद अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र की स्कैनिंग की गई और अंत में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए उनकी पहचान सुनिश्चित की गई।

दोनों सत्रों में यह त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया पूरी सख्ती के साथ लागू की गई। जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य परीक्षा को नकल और अन्य अनियमितताओं से मुक्त रखना था। प्रशासन के अनुसार, इस प्रणाली के कारण परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को मजबूती मिली।
परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में निरीक्षक और सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे, जिससे किसी भी स्थिति को तुरंत संभाला जा सके। इसके अलावा अभ्यर्थियों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और समय पर प्रवेश जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गईं।
पूरे परीक्षा आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था, हंगामा या गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन ने परीक्षा को लेकर जो तैयारियां की थीं, वे पूरी तरह सफल रहीं। अभ्यर्थियों ने भी निर्धारित नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा में भाग लिया।

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसके माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। इस परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थी आगे मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में इस परीक्षा का महत्व अभ्यर्थियों के लिए काफी अधिक होता है।
सागर जिले में परीक्षा का शांतिपूर्ण आयोजन यह दर्शाता है कि स्थानीय प्रशासन इस तरह के बड़े आयोजनों को कुशलता से संचालित करने में सक्षम है। परीक्षा के सफल आयोजन से अभ्यर्थियों में भी भरोसा बढ़ा है कि उन्हें निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिल रहा है।
इस प्रकार सागर में राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन पूरी तरह सफल रहा, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लेकर अपने भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।