सागर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए रीजनल इन्वेस्टर सेमिनार फॉर अवेयरनेस का आयोजन किया गया। यह सेमिनार महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के मार्गदर्शन में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) एवं भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं स्टाफ को पूंजी बाजार, निवेश के विभिन्न अवसरों और वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक करना रहा।
सेमिनार के मुख्य वक्ता एनएसई के डिप्टी मैनेजर नितिन त्रिपाठी ने शेयर बाजार की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सुरक्षित निवेश के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने म्यूचुअल फंड, आईपीओ, डिजिटल ट्रेडिंग और एसआईपी जैसे निवेश विकल्पों की जानकारी दी। साथ ही निवेश से जुड़े जोखिमों, ऑनलाइन फ्रॉड और उनसे बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सेबी द्वारा निर्धारित निवेशक संरक्षण नियमों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से सतर्क और जिम्मेदार निवेशक बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि ऐसे सेमिनार विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की वित्तीय चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक वित्तीय समझ प्रदान करना है, ताकि विद्यार्थी भविष्य में सही और विवेकपूर्ण आर्थिक निर्णय ले सकें।
सेमिनार के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया। इस सत्र में एसआईपी, क्रिप्टोकरंसी, टैक्स सेविंग निवेश और दीर्घकालिक निवेश रणनीतियों से जुड़े सवालों के उत्तर दिए गए।

इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अमर कुमार जैन एवं सेबी विषय विशेषज्ञ डॉ. सुनील शर्मा ने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं में निवेश जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है, ताकि वे सही जानकारी के आधार पर दीर्घकालिक निवेश कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शैलेंद्र सिंह राजपूत ने किया। सेमिनार में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजन को विद्यार्थियों ने ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता जताई।