सागर संभाग में दुग्ध उत्पादन वृद्धि के लिए कमिश्नर ने दी स्पष्ट दिशा-निर्देश !

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सागर संभाग के कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने संभाग में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालन के क्षेत्र में सुधार हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कमिश्नर ने कहा कि सागर संभाग में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जिले में प्रभावी रणनीति बनाकर कार्य करना आवश्यक है।

कमिश्नर ने उच्च नस्ल के दुधारू पशुओं के लिए कृत्रिम गर्भाधान को प्रोत्साहित करने और अच्छी नस्ल की गायें तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पशुपालकों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं जैसे डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना, नंदी शाला योजना, स्वालंबी गौशाला योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

पशुपालन विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने कहा कि दुग्ध उत्पादन समितियों को सक्रिय बनाया जाए और निष्क्रिय समितियों को पुनः सक्रिय कर उन्हें सतत प्रोत्साहन दिया जाए। साथ ही, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों की कार्यक्षमता बढ़ाने और पशु टीकाकरण के लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में चरीचराई योजना, बकरी पालन योजना, मुर्गी पालन योजना, मुर्राह पालन योजना, नंदी शाला योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की जिलेवार प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं पर भी चर्चा कर उनके कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि पशुपालकों को लगातार मार्गदर्शन दें, अच्छी नस्ल के पशु तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें और सागर संभाग में दुग्ध उत्पादन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सक्रिय योगदान दें।

इस बैठक में सभी जिलों के पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी, पशुपालन विभाग के प्रमुख तथा संबद्ध अधिकारी उपस्थित रहे।

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