सूदखोरों की प्रताड़ना से युवक ने खाया जहर, सुसाइड नोट में कई लोगों पर गंभीर आरोप !

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दमोह। जिले के हटा थाना क्षेत्र अंतर्गत रसीलपुर गांव में एक युवक द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ सूदखोर लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और कर्ज चुकाने के बाद भी लगातार पैसों की मांग कर रहे थे। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कई लोगों के नाम, पैसों के लेनदेन और जान से मारने की धमकियों का उल्लेख किया गया है।

मृतक की पहचान 42 वर्षीय लक्ष्मी पटेल के रूप में हुई है। घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार लक्ष्मी पटेल ने अपने घर के पास जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत उपचार के लिए हटा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की खबर मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल तथा मृतक के घर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सुसाइड नोट में कई लोगों के नाम

पुलिस ने मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। नोट में सुरेश पटेल, सुनील पटेल, अमन खान और राजेश महाराज सहित अन्य लोगों के नाम लिखे हुए बताए जा रहे हैं।

सुसाइड नोट के अनुसार मृतक ने इन लोगों से पैसों का लेनदेन किया था। नोट में उल्लेख किया गया है कि सुरेश पटेल पैसा वापस लेने के बावजूद और अधिक रकम की मांग कर रहा था। मृतक ने लिखा कि पैसे नहीं देने पर उसे गोली मारने की धमकी दी जा रही थी।

वहीं नोट में यह भी लिखा गया है कि अमन खान ने हटा आने पर हत्या करने की चेतावनी दी थी। इन धमकियों से मृतक काफी परेशान और मानसिक तनाव में था।

14 लाख रुपए लौटाने का दावा

मृतक के भाई प्रकाश पटेल ने बताया कि लक्ष्मी पटेल ने खेती और अन्य कार्यों के लिए करीब 14 लाख रुपए का लेनदेन किया था। परिवार का दावा है कि यह पूरी रकम वापस चुका दी गई थी और इसके लिखित प्रमाण भी मौजूद हैं।

परिजनों के अनुसार आरोपियों द्वारा लगातार अतिरिक्त पैसों की मांग की जा रही थी। बार-बार की धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर लक्ष्मी ने आत्मघाती कदम उठा लिया।

परिवार का कहना है कि मृतक लगातार तनाव में रहने लगा था। वह कई दिनों से परेशान था और उसे अपनी जान का डर भी सताने लगा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई होती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।

खेती में पार्टनरशिप को लेकर भी विवाद

परिजनों ने बताया कि सुनील पटेल मृतक के साथ खेती में पार्टनर था। परिवार का आरोप है कि वह भी अवैध रूप से अतिरिक्त पैसों की मांग कर रहा था।

सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ लोगों का पैसा जमीन बेचकर चुका दिया गया था। इसके बावजूद मृतक पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि आर्थिक और मानसिक दबाव के कारण ही लक्ष्मी पूरी तरह टूट चुका था।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही हटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट और परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराई जा रही है ताकि यह पुष्टि हो सके कि नोट मृतक ने ही लिखा था।

पुलिस अब सुसाइड नोट में दर्ज सभी नामों और पैसों के लेनदेन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गांव में शोक और आक्रोश

घटना के बाद रसीलपुर गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सूदखोरी और अवैध वसूली के मामलों पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का कहना है कि कई ग्रामीण कर्ज और ब्याज के जाल में फंसकर मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि मृतक परिवार को न्याय मिल सके।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती अवैध सूदखोरी और आर्थिक दबाव की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते कानूनी सहायता और सामाजिक सहयोग मिलना बेहद जरूरी है, ताकि लोग मानसिक तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठाने से बच सकें।

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