देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी ने नया इतिहास रच दिया है। आज यानी 20 जनवरी को लगातार दूसरे दिन दोनों कीमती धातुएं अपने ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंच गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सोना और चांदी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है।
सोना ₹1.46 लाख के पार
IBJA के अनुसार आज सोना ₹2,429 की तेजी के साथ ₹1,46,375 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को सोना ₹1,43,946 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। इस तरह साल 2026 के सिर्फ 20 दिनों में ही सोना ₹13,180 महंगा हो चुका है।

चांदी पहली बार ₹3 लाख के पार
चांदी ने भी आज ऐतिहासिक छलांग लगाई। एक किलो चांदी ₹10,888 की तेजी के साथ ₹3,04,863 प्रति किलो पर पहुंच गई। यह पहला मौका है जब सर्राफा बाजार में चांदी ₹3 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। सोमवार को चांदी ₹2,93,975 प्रति किलो थी।
हालांकि MCX पर चांदी सोमवार को ही ₹3 लाख के स्तर के पार निकल चुकी थी। सिर्फ 20 दिनों में चांदी ₹74,443 महंगी हो चुकी है।
2025 में रिकॉर्ड तेजी
पिछले साल यानी 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया।
- सोना: 2025 में ₹57,033 (करीब 75%) महंगा
- 31 दिसंबर 2024: ₹76,162 प्रति 10 ग्राम
- 31 दिसंबर 2025: ₹1,33,195 प्रति 10 ग्राम
- चांदी: 2025 में ₹1,44,403 (करीब 167%) की तेजी
- 31 दिसंबर 2024: ₹86,017 प्रति किलो
- 31 दिसंबर 2025: ₹2,30,420 प्रति किलो

चांदी में तेजी के 3 बड़े कारण
- इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। अब चांदी सिर्फ ज्वेलरी नहीं, बल्कि अहम औद्योगिक कच्चा माल बन चुकी है।
- ट्रंप टैरिफ का डर – अमेरिका में संभावित टैरिफ बढ़ोतरी की आशंका से कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हुई है।
- मैन्युफैक्चरर्स की होड़ – प्रोडक्शन रुकने के डर से कंपनियां पहले से खरीदारी कर रही हैं, जिससे कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
इस साल ₹4 लाख तक जा सकती है चांदी
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी में तेजी का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है।
- मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: 2026 में चांदी ₹3.20 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
- सैमको सिक्योरिटीज: मजबूत टेक्निकल ब्रेकआउट के चलते ₹3.94 लाख प्रति किलो तक के स्तर संभव।
- नीलेश सुराना (कमोडिटी एक्सपर्ट): ग्रीन एनर्जी डिमांड और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती से चांदी $100 प्रति औंस (₹3.5–4 लाख) तक जा सकती है।
- पोनमुडी आर (CEO, एनरिच मनी): लंबी अवधि में तेजी जारी रहेगी, हर गिरावट पर खरीदारी की सलाह।
- रॉबर्ट कियोसाकी (ग्लोबल इन्वेस्टर): डॉलर की कमजोरी और महंगाई के चलते 2026 में चांदी $200 प्रति औंस तक भी जा सकती है।

सोने में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- डॉलर में कमजोरी – अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट घटी।
- जियोपॉलिटिकल तनाव – रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव के चलते निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।
- सेंट्रल बैंकों की खरीदारी – चीन समेत कई देश अपने रिजर्व बढ़ाने के लिए सालाना 900 टन से ज्यादा सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक हालात और बढ़ती औद्योगिक मांग को देखते हुए सोना-चांदी दोनों में आने वाले समय में भी उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बने रहने की संभावना जताई जा रही है।