16 से 19 मई तक चलेगा रक्तदान महाअभियान पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह बोले – रक्तदान से बड़ा कोई मानव धर्म नहीं!

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सागर। “जीवन के अंत में मनुष्य के साथ सिर्फ मानवता जाती है, न पद जाता है और न पैसा। रक्तदान कर किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ी मानवता है।” यह बात पूर्व गृहमंत्री एवं Bhupendra Singh ने ग्रेंड दीपाली के सभाकक्ष में आयोजित रक्तदान महाअभियान की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए कही।

उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में 16, 17, 18 और 19 मई को चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। बैठक में जिलेभर से आए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

“जरूरतमंद को तुरंत मिले ब्लड, यही लक्ष्य”

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि रक्त के अभाव में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो सार्वजनिक जीवन में रहने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। राजनीति का असली उद्देश्य गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करना है।

उन्होंने कहा कि कई गरीब परिवारों के पास ब्लड डोनर नहीं होते और न ही आर्थिक संसाधन होते हैं। ऐसे समय में वे उम्मीद लेकर समाज और जनप्रतिनिधियों की ओर देखते हैं। इसलिए जरूरतमंद व्यक्ति को एक फोन पर तुरंत रक्त उपलब्ध कराना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनाया जा सकता और न ही बाजार में खरीदा जा सकता है। यह केवल इंसान से इंसान को ही मिल सकता है। इसी वजह से रक्तदान को सर्वोच्च दान माना गया है।

“यह राजनीतिक नहीं, मानवता का अभियान”

भूपेन्द्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि मानवता की सेवा के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति तो वर्षभर चलती रहती है, लेकिन समाज और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि उनके कार्यालय में संचालित ब्लड हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से बिना किसी जाति, क्षेत्र या राजनीतिक पहचान पूछे जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध कराया जाता है।

उन्होंने कहा, “हमारी पहचान नेता के रूप में नहीं बल्कि समाजसेवक के रूप में होनी चाहिए। लोग हमें नेता नहीं, भैया कहें यही सबसे बड़ी पूंजी है।”

12 वर्षों में बना जनआंदोलन

पूर्व गृहमंत्री ने बताया कि 12 वर्ष पहले शुरू हुआ यह रक्तदान शिविर आज जनजागरूकता का बड़ा केंद्र बन चुका है। पहले वर्ष लगभग 300 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ था, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1700 यूनिट से अधिक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि पिछले साल इतनी बड़ी संख्या में लोग रक्तदान करने पहुंचे कि सागर जिले के ब्लड बैंकों की संग्रहण क्षमता कम पड़ गई और कई रक्तदाताओं को वापस लौटना पड़ा।

भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि अपने पुत्र अविराज सिंह के जन्मदिन पर भी रक्तदान शिविर की शुरुआत की गई, जिसमें पहले ही वर्ष लगभग 750 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। इस प्रकार एक वर्ष में लगभग 2400 यूनिट ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने विश्वास जताया कि अब सागर जिला अस्पताल में रक्त की कमी से किसी मरीज की मृत्यु नहीं होगी।

ब्लड बैंक को मिलेगा अत्याधुनिक स्वरूप

बैठक में महापौर Sangeeta Tiwari ने बताया कि हाल ही में उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री Rajendra Shukla की उपस्थिति में जिला विकास समिति की बैठक में जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को सौंपने तथा उसे 5000 यूनिट संग्रहण क्षमता वाला अत्याधुनिक ब्लड बैंक बनाने के लिए 5.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई गई है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय रक्तदान महाअभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

नेत्रदान का भी किया गया आह्वान

बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद Rajbahadur Singh ने कहा कि जब यह अभियान शुरू हुआ था तब रक्तदान को लेकर समाज में कई भ्रांतियां थीं, लेकिन आज लोग स्वयं शिविर का इंतजार करते हैं।

उन्होंने अंधत्व की बढ़ती समस्या को गंभीर बताते हुए मरणोपरांत नेत्रदान के संकल्प को भी जनअभियान बनाने का सुझाव दिया।

जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों लोग

बैठक में अविराज सिंह, जयंत सिंह बुंदेला, बलवीर सिंह राजपूत, लक्ष्मण सिंह लोधी, डॉ. सुशील तिवारी, हरीशंकर कुशवाहा, शैलेंद्र ठाकुर, रामकुमार साहू सहित जिलेभर से आए सैकड़ों जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक का संचालन वरिष्ठ भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह लोधी ने किया। आयोजन में रक्तदान महाअभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसहभागिता का आह्वान किया गया।

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