चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव के बाद अब अभिनेत्री अमीषा पटेल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2017 के एक इवेंट विवाद से जुड़े मामले में मुरादाबाद की अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। हालांकि, इन खबरों पर अमीषा पटेल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला 16 नवंबर 2017 का है। मुरादाबाद के इवेंट आयोजक पवन वर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एक शादी समारोह में परफॉर्मेंस के लिए अमीषा पटेल को आमंत्रित किया था। इसके लिए कथित तौर पर 14.50 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे और होटल में ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी।

आरोप है कि अभिनेत्री कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। बाद में बातचीत के दौरान उन्होंने पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया। आयोजक का दावा है कि 10 लाख रुपये नकद वापस कर दिए गए, लेकिन शेष 4.50 लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया। इसके बाद भुगतान विवाद बढ़ने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत की ओर से कई बार समन जारी किए गए, लेकिन अमीषा पटेल पेश नहीं हुईं। इसके बाद अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया। मामले में अगली सुनवाई 27 मार्च को निर्धारित की गई है।
अमीषा पटेल का पक्ष
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमीषा पटेल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह बहुत पुराना मामला है और संबंधित व्यक्ति पवन वर्मा ने वर्षों पहले एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे तथा पूरी सहमति राशि प्राप्त कर ली थी।

अभिनेत्री का कहना है कि इसके बावजूद झूठे आरोप लगाकर मामला दोबारा शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके वकील पवन वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अमीषा ने यह भी कहा कि वह इन विवादों से ध्यान हटाकर अपने काम पर फोकस करना चाहती हैं और झूठे आरोपों के जरिए पब्लिसिटी पाने की कोशिश करने वालों को नजरअंदाज करेंगी।
आगे क्या?
अब सबकी नजर 27 मार्च की सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत में दोनों पक्षों के तर्क सामने आएंगे। इस मामले ने एक बार फिर फिल्मी हस्तियों और इवेंट आयोजकों के बीच अनुबंध व भुगतान से जुड़े विवादों को चर्चा में ला दिया है।