सागर। जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बड़ी सौगात दी गई है। संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार वर्ष 2026 के लिए खेलवृत्ति योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत राज्य स्तर की अधिकृत प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शासन द्वारा आर्थिक प्रोत्साहन के रूप में खेलवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है।
जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग सागर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह योजना हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लागू की गई है ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सहयोग मिल सके और वे खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के उभरते खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
विभागीय जानकारी के अनुसार, ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच मान्यता प्राप्त खेल संघों द्वारा आयोजित अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय स्थान प्राप्त किया है, वे इस खेलवृत्ति योजना के लिए पात्र होंगे। योजना का लाभ उन्हीं खिलाड़ियों को दिया जाएगा जिनकी आयु 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में 19 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

खेल विभाग ने स्पष्ट किया है कि खेलवृत्ति योजना का संचालन “प्रोत्साहन राशि नियम 2019” के नियम क्रमांक 08.1(च) के तहत किया जा रहा है। इसके अंतर्गत चयनित खिलाड़ियों को शासन द्वारा निर्धारित राशि उनके बैंक खाते में प्रदान की जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, यात्रा और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।
हालांकि विभाग ने पात्रता को लेकर कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की हैं। जिन खिलाड़ियों को इस योजना के अंतर्गत पूर्व में दो बार खेलवृत्ति प्राप्त हो चुकी है, वे इस वर्ष आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नए और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को योजना का लाभ दिलाना है।
जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय द्वारा बताया गया कि इच्छुक खिलाड़ी अपना आवेदन पत्र 31 मई 2026 तक खेल परिसर स्थित जिला खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय, सागर में जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा। बिना दस्तावेज अथवा अधूरे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आवेदन के साथ जिन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी उनमें मूल निवास प्रमाण पत्र, राज्य स्तर पर पदक अर्जित करने का प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र अथवा कक्षा 10वीं की अंकसूची की छायाप्रति, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति शामिल है। बैंक खाते से संबंधित सभी विवरण स्पष्ट रूप से अंकित होना आवश्यक रहेगा ताकि चयनित खिलाड़ियों को राशि हस्तांतरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अतिरिक्त खिलाड़ियों को संबंधित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने और पदक अर्जित करने वाले प्रमाण पत्र का सत्यापन संबंधित राज्य खेल संघ से कराकर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन वाले प्रमाण पत्र मान्य नहीं माने जाएंगे।
खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आवेदन पत्र का प्रारूप और योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी खेल परिसर कार्यालय सागर से कार्यालयीन समय में प्राप्त की जा सकती है। साथ ही विभागीय वेबसाइट पर भी दिशा-निर्देश एवं नियमावली उपलब्ध कराई गई है, जिससे खिलाड़ी योजना की पात्रता, प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले कई खिलाड़ी प्रतिभाशाली होने के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में शासन की खेलवृत्ति योजना उनके लिए सहारा बनती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।
सागर जिला लंबे समय से खेल प्रतिभाओं के लिए पहचान रखता है। जिले के कई खिलाड़ी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। खेल विभाग को उम्मीद है कि इस योजना के माध्यम से नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और जिले में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी।
विभाग ने खिलाड़ियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन जमा करें। 31 मई 2026 के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर किसी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए पात्र खिलाड़ी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने सभी दस्तावेजों सहित आवेदन जमा करना सुनिश्चित करें।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग का यह प्रयास निश्चित रूप से जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए लाभकारी साबित होगा। इससे न केवल खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि खेलों के प्रति युवाओं का रुझान भी बढ़ेगा और प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को नई दिशा मिलेगी।