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तलवार-रॉड से पीटकर किया लहूलुहान, सागर मेडिकल कॉलेज में भर्ती

बीना (सागर), 30 जून 2025।
बीना थाना क्षेत्र के हिरनछिपा गांव में रविवार दोपहर एक गर्भवती महिला और उसके मायके पक्ष के लोगों पर ससुराल वालों ने तलवार, रॉड और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी को बीना से सागर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

गर्भपात का बना रहे थे दबाव

घायल महिला दीप्ति लोधी की शादी पांच साल पहले भगवान सिंह लोधी से हुई थी। दीप्ति फिलहाल गर्भवती है और उसका आरोप है कि उसके पति, सास बबली लोधी और ससुर देवेंद्र लोधी गर्भपात का दबाव बना रहे थे। वह बच्चा नहीं चाहते थे, इसलिए दीप्ति को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

मायके से लेने आए थे परिजन, रास्ते में हमला

दीप्ति ने यह बात अपने मायके में यूपी के ललितपुर जिले के डोरना गांव में बताई, जिसके बाद उसके पिता इंद्रपाल लोधी, मां शोभा लोधी, चाचा सरवन लोधी और रिश्तेदार उसे लेने बीना पहुंचे। जब वे दीप्ति को लेकर ससुराल से निकले, तभी ससुराल पक्ष के करीब 10 लोगों ने मिलकर हमला कर दिया

सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

आरोपियों में पति भगवान सिंह, सास, ससुर, मामा ससुर हल्के और नंदू राय शामिल थे। उन्होंने सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर चाचा सरवन लोधी को खुरई रोड पर पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दीप्ति और उसकी मां को भी बुरी तरह से पीटा गया।

पुलिस ने पहुंचकर की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही बीना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिक जांच में घरेलू प्रताड़ना की पुष्टि

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दीप्ति को गर्भवती होने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा था। महिला और उसके परिजन पूरी तरह डरे हुए हैं। अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है और पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है।


यह घटना न केवल घरेलू हिंसा और महिला अधिकारों के हनन का गंभीर मामला है, बल्कि इसमें गर्भवती महिला पर हिंसा कर कानून की धज्जियाँ उड़ाई गई हैं। पुलिस की सक्रियता सराहनीय है, पर अब निगाहें न्यायिक कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

अगर आप चाहें तो मैं इस केस में महिला अधिकारों और घरेलू हिंसा कानूनों पर एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट भी तैयार कर सकता हूँ।

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