44 डिग्री की भीषण गर्मी में भी गांव-गांव पहुंच रहे पटवारी, कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशों पर तेज हुआ सीमांकन अभियान !

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सागर, जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और आमजन को समय पर राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन अब पूरी सख्ती और गंभीरता के साथ मैदान में उतर चुका है। कलेक्टर प्रतिभा पाल एवं एसडीएम बंडा के स्पष्ट निर्देशों के बाद तहसील बंडा अंतर्गत राजस्व अमला लगातार गांव-गांव पहुंचकर सीमांकन सहित अन्य लंबित कार्यों का निराकरण कर रहा है। भीषण गर्मी और 44 डिग्री तापमान के बावजूद पटवारी खेतों और गांवों में पहुंचकर सीमांकन कार्य संपादित कर रहे हैं, जिससे आम किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से तहसील स्तर पर राजस्व प्रकरणों में लापरवाही और तहसील न्यायालय के आदेशों के पालन में उदासीनता की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई मामलों में सीमांकन, नामांतरण और नक्शा तरमीम जैसे कार्य लंबे समय से लंबित पड़े थे, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए थे कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर के निर्देशों के बाद अब प्रशासनिक अमला पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। तहसील बंडा के विभिन्न गांवों में पटवारी मौके पर पहुंचकर सीमांकन कार्य कर रहे हैं। सीमांकन के दौरान संबंधित सरहदी कृषकों को पहले से सूचना देकर मौके पर बुलाया जा रहा है ताकि कार्य पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरा हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व अमले की यह सक्रियता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

भीषण गर्मी के बीच मैदानी अमले की मेहनत भी लोगों को प्रभावित कर रही है। जहां एक ओर तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है, वहीं दूसरी ओर पटवारी और राजस्व कर्मचारी खेतों में जाकर सीमांकन की कार्रवाई कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि आमजन को समय पर न्याय और सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, इसलिए मौसम की कठिन परिस्थितियों के बावजूद कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।

तहसीलदार बंडा मोहित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि तहसील क्षेत्र में सीमांकन, नामांतरण, नक्शा तरमीम, फॉर्मर रजिस्ट्री एवं अन्य राजस्व कार्यों का निरंतर निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि ग्रामीणों को राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक कार्य नियमानुसार एवं समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कार्य पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराए जा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद राजस्व विभाग की कार्यशैली में इस प्रकार की सक्रियता देखने को मिल रही है। कई किसानों ने बताया कि पहले सीमांकन और नामांतरण जैसे कार्यों के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब प्रशासन के सख्त रुख के बाद कार्यों में तेजी आई है। इससे किसानों के भूमि विवादों के समाधान में भी मदद मिल रही है और भविष्य में विवाद की संभावनाएं कम हो रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमांकन कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि अधिकांश भूमि विवाद सीमाओं को लेकर ही उत्पन्न होते हैं। यदि समय पर सीमांकन और रिकॉर्ड अपडेट किए जाएं तो कई विवाद प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त हो सकते हैं। प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल राजस्व प्रकरणों के निराकरण में सहायक साबित होगा, बल्कि ग्रामीणों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत करेगा।

प्रशासन की इस कार्यशैली से यह संदेश भी साफ हो गया है कि अब राजस्व मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बाद राजस्व विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार अभियान चलाकर लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

भीषण गर्मी के बावजूद गांव-गांव पहुंचकर काम कर रहे पटवारियों और राजस्व अमले की मेहनत अब प्रशासनिक सख्ती और जनसेवा का बड़ा उदाहरण बनती दिखाई दे रही है।

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