खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किसान 15 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर पंजीयन कराएं ताकि उपार्जन के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेशभर में 1255 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।

नि:शुल्क और सशुल्क पंजीयन सुविधा
- नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों, सहकारी विपणन संस्थाओं एवं एमपी किसान एप के माध्यम से किया जा सकता है।
- सशुल्क पंजीयन की व्यवस्था एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे पर होगी, जिसके लिए अधिकतम ₹50 शुल्क लिया जा सकेगा।
आवश्यक दस्तावेज और पात्रता
- पंजीयन के लिए भूमि दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र आवश्यक होंगे।
- सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान केवल सहकारी समितियों के पंजीयन केंद्रों पर पंजीयन करा सकेंगे।
- इनका राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन अनिवार्य होगा।
भुगतान की व्यवस्था
- उपज का भुगतान सीधे किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।
- यदि तकनीकी कारण से समस्या आती है तो पंजीयन के समय दिए गए अन्य बैंक खाते में राशि जमा होगी।
- संयुक्त खाते, निष्क्रिय खाते, फिनो/एयरटेल/पेटीएम बैंक खाते मान्य नहीं होंगे।
आधार नंबर का वेरिफिकेशन जरूरी
- पंजीयन और फसल विक्रय के लिए आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
- यह प्रक्रिया ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस से पूरी होगी।
- नाम में अंतर होने पर तहसील कार्यालय से सत्यापन कराना होगा।
किसानों को सूचना
- जिन किसानों ने पहले पंजीयन कराया है, उन्हें मोबाइल पर एसएमएस सूचना भेजी जाएगी।
- गांवों में ढोल-नगाड़ा पिटवाकर, पंचायत सूचना पटल एवं मंडियों में बैनर के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
👉 मंत्री राजपूत ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा में पंजीयन ही उपार्जन में भागीदारी की गारंटी है, इसलिए किसान विलंब न करें।