कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशानुसार आज कृषि विभाग द्वारा सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के सफल संचालन हेतु जिले की सभी कृषि उपज मंडियों के सचिवों एवं व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत ने की।

अपर कलेक्टर ने व्यापारियों एवं विभागीय अमले को शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि योजना के दौरान अधिक से अधिक व्यापारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने मंडी सचिवों से कहा कि वे खरीदी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखें और किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

उप संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी ने बैठक में बताया कि भावांतर भुगतान योजना का उद्देश्य किसानों को मंडी के भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करना है। उन्होंने मंडी सचिवों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और अधिक से अधिक किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत कराएं।

उन्होंने बताया कि सोयाबीन की खरीदी 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक जिले की कृषि उपज मंडियों में की जाएगी। इस अवधि में व्यापारियों द्वारा खरीदी गई उपज का भुगतान किसानों को नगद रूप में नहीं, बल्कि शासन के निर्देशानुसार आरटीजीएस/एनईएफटी एवं अन्य ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
बैठक में श्री अनिल राय, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, श्री अंकित रावत, सहायक संचालक कृषि, श्री आर.पी. सिंह, मंडी सचिव सहित जिले की विभिन्न मंडियों के सचिव, व्यापारीगण एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।