सागर। मध्यप्रदेश शासन के दिशा-निर्देशानुसार कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के मार्गदर्शन में राज्य आनंद संस्थान (आनंद विभाग) एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से शासकीय कर्मचारियों में आनंद की अनुभूति कराने और जीवन में सकारात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में “अल्पविराम” परिचय कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में जनपद पंचायत शाहगढ़ के आजीविका सभाकक्ष में एकदिवसीय विकासखंड स्तरीय अल्पविराम कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री नवीन सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री मनीष यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति पूजा सोलंकी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनय मिश्रा एवं बीआरसी श्रीमति संगीता गर्ग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया।

कार्यशाला में श्री नवीन सिंह ने कहा कि “जीवन में आनंद और आत्ममंथन आवश्यक है। जब हम मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त होते हैं तभी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी क्षमता से कर सकते हैं।” उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित किया कि वे आत्मनिरीक्षण कर अपने कार्य में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं।

जनपद अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि “अल्पविराम जैसी कार्यशालाएं प्रत्येक लोकसेवक के लिए आवश्यक हैं, जो जीवन में संतुलन और आत्मविकास की दिशा दिखाती हैं।”
जिला समन्वयक (आनंद विभाग) श्री रामकेश तेकाम ने ‘आनंद’ और ‘सुख’ के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि आनंद एक स्थायी भाव है जो व्यक्ति के जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है। मास्टर ट्रेनर श्री अनिल राय ने “जीवन की सुख-दुःख बैलेस शीट” विषय पर सत्र लिया। श्री जीवन रजक ने “स्वयं से स्वयं की मुलाकात” विषय पर अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक श्री दिनेश उमरैया एवं जिला समन्वयक श्री के.के. मिश्रा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जन अभियान परिषद की विकासखंड समन्वयक श्रीमति ज्योति तिवारी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पुलिस, राजस्व, आदिम जाति कल्याण, पशुपालन, सामाजिक न्याय, उद्यानिकी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। समापन अवसर पर सीईओ जनपद पंचायत श्रीमति पूजा सोलंकी ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।