बीना, 14 दिसम्बर 2024: बीना के खुरई रोड स्थित वर्धमान दाल मिल में खाद्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई जांच के दौरान घुन लगी दाल का स्टॉक बरामद हुआ है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रीति राय और नायब तहसीलदार दुर्गेश तिवारी के नेतृत्व में की गई। यह जांच मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे मुक्ति अभियान के तहत की गई।

मिल का उत्पादन बंद, लेकिन स्टॉक में दाल पाई गई
खाद्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को वर्धमान दाल मिल में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि मिल में दाल का उत्पादन दो माह से बंद था। हालांकि, मिल में लगभग 50 क्विंटल मटर की दाल का स्टॉक पाया गया। इस स्टॉक की जांच की गई, और पाया गया कि दाल में घुन लगी हुई थी, जिससे उसकी गुणवत्ता संदिग्ध हो गई।
दाल के गुणवत्ताहीन होने की पुष्टि
प्रारंभिक जांच में ही यह साफ हो गया कि दाल गुणवत्ताहीन है, क्योंकि उसमें घुन लगा हुआ था। अधिकारियों ने इसे तुरंत अपने कब्जे में लेकर सैंपल को जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया। इसके अलावा, अधिकारियों ने मिल संचालक से दाल के विक्रय की पूरी जानकारी भी मांगी, और पाया कि अक्टूबर से लेकर अब तक मिल संचालक ने कोई विक्रय नहीं किया है।

बेचने की अनुमति नहीं, जांच जारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रीति राय ने बताया कि यह दाल बिना अनुमति के बेची जा रही थी, इसलिए उसे बेचने से मना कर दिया गया है। सैम्पल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दाल की गुणवत्ता के कारण किसी को स्वास्थ्य का खतरा तो नहीं हो सकता। खाद्य विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि मिल संचालक ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिल में पशु आहार का उत्पादन भी होता है
जांच के दौरान अधिकारियों ने यह भी पाया कि वर्धमान दाल मिल में केवल दाल का उत्पादन नहीं होता, बल्कि वहां पशु आहार भी तैयार किया जाता है। यह तथ्य जांच की दिशा में और भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यदि घुन लगी दाल को पशु आहार के रूप में उपयोग किया जाता है, तो इसके व्यापक प्रभाव हो सकते हैं।

दस्तावेजों की मांग और कार्रवाई की प्रक्रिया
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रीति राय और नायब तहसीलदार दुर्गेश तिवारी ने मिल संचालक से सभी संबंधित दस्तावेजों की मांग की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दाल का उत्पादन, भंडारण और विक्रय सही तरीके से किया गया था या नहीं। यह जांच इस बात की पुष्टि करेगी कि क्या मिल संचालक ने किसी भी नियम का उल्लंघन किया है और दाल को बाजार में भेजने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया है या नहीं।
मिलावट के खिलाफ अभियान का असर
यह कार्रवाई खाद्य विभाग और राजस्व विभाग की मिलावट के खिलाफ चलाए गए अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मुहैया कराना है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि मिलावटखोरों को रोकने के लिए एक कड़ा संदेश दिया जा सके। इस अभियान से यह सुनिश्चित होगा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए और उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

आगे की कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद, दाल की गुणवत्ता पर पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, और इसके आधार पर मिल संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही, इस मामले में शामिल अन्य संभावित दोषियों के खिलाफ भी जांच की जाएगी, ताकि मिलावट के कारोबार को रोका जा सके।
यह घटना बीना और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने का संकेत देती है और यह स्पष्ट करती है कि खाद्य विभाग ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है।