सागर, मध्य प्रदेश | 10 अक्टूबर 2025
हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, जो कभी विद्या, विचार और वैचारिक चेतना का प्रतीक था, अब प्रशासनिक अराजकता, भ्रष्टाचार और उपेक्षा की जद में दिखाई दे रहा है। घटिया निर्माण कार्य, लंबित भर्तियाँ और पारदर्शिता की कमी ने विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़ा कर दिया है।
शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय अध्यक्ष अंशुल शर्मा और जिला अध्यक्ष अक्षत कोठारी के मार्गदर्शन में कुलपति कार्यालय का घेराव किया। छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपने अधिकारों की माँग की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ छात्र गेट पर चढ़ गए और पुलिस के साथ हल्की झड़प भी हुई।

9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
NSUI के बैनर तले छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें पारदर्शिता, सुशासन और छात्र हित के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की गई। प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं:
- नॉन-टीचिंग स्टाफ की लंबित वैकेंसी शीघ्र पूरा किया जाए।
- घटिया निर्माण कार्यों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- हॉस्टल आवंटन मेरिट के आधार पर किया जाए।
- स्थानीय छात्रों के लिए सीमित आरक्षण लागू किया जाए।
- SC/ST/OBC छात्रों को फीस किस्त सुविधा दी जाए।
- गलत प्रकाशित परीक्षा परिणामों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
- सभी छात्रों को शीघ्र ID कार्ड जारी किए जाएँ।
- कैंटीन सुविधा स्थापित की जाए।
NSUI नेताओं ने जताई चेतावनी
NSUI जिला अध्यक्ष अक्षत कोठारी ने कहा:
“आज का छात्र जागरूक है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेगा। यदि प्रशासन ने इन समस्याओं को अनदेखा किया, तो NSUI सड़क से संसद तक आवाज़ उठाएगी। यह सिर्फ एक विश्वविद्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की लड़ाई है।”
विश्वविद्यालय अध्यक्ष अंशुल शर्मा ने कहा:
“हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय कभी ज्ञान और विचार का केंद्र हुआ करता था, लेकिन आज यह अव्यवस्था और उपेक्षा का केंद्र बन चुका है। अगर प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो NSUI चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। हमारा संघर्ष छात्रों के अधिकारों और विश्वविद्यालय के गौरव के लिए है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित नहीं है।

छात्रों का आक्रोश और प्रशासन की चुप्पी
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारे लगाए जैसे –
“छात्र एकता ज़िंदाबाद”, “भ्रष्टाचार बंद करो”, “विश्वविद्यालय बचाओ, शिक्षा बचाओ”।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन ज्ञापन कुलपति तक पहुँच गया है और उस पर विचार किया जा रहा है।
इस अवसर पर एनएसयूआई के कई पदाधिकारी और छात्र उपस्थित रहे, जिनमें जिला उपाध्यक्ष अंबर खत्री, उपाध्यक्ष आलोक सोनी, साहित्यिक अध्यक्ष नूर खान, महासचिव शिवांग उपाध्याय, और अन्य कई कार्यकर्ता शामिल थे।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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