सागर, 11 अक्टूबर 2025:
करवा चौथ पर्व के अवसर पर सागर के चकराघाट और सदर क्षेत्र में आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुक्रवार की रात 8:10 बजे चांद ने अपनी रजत आभा बिखेरी और महिलाओं ने चांद के दर्शन के साथ सामूहिक दीपदान कर घाट को झिलमिल रोशनी से भर दिया।
पारंपरिक परिधानों में सजी सुहागिनों ने व्रत की विधि अनुसार पूजा-अर्चना की और अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। दीपों की रोशनी में पूरा चकराघाट आध्यात्मिक आभा में नहाया नजर आया। वरिष्ठ महिलाओं ने नवविवाहितों को व्रत की महत्ता और विधि बताई। साल दर साल इस घाट की सुंदरता और भव्यता के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं करवा चौथ व्रत के लिए पहुंच रही हैं।

सागर के सदर क्षेत्र में भी सुहाग और श्रृंगार का अनोखा संगम देखने को मिला। सुबह से ही महिलाओं के चेहरे पर व्रत की तपस्या और सज-धज का अद्भुत मिश्रण दिखाई दे रहा था। दिनभर निर्जला व्रत रखते हुए महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और मंगल की कामना करती रहीं।
शाम ढलते ही सदर की गलियां लाल, गुलाबी और सुनहरी साड़ियों से जगमगाने लगीं। हाथों में मेंहदी की खुशबू और चूड़ियों की खनक ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। सिर पर पल्लू, मांग में सिंदूर और माथे पर बिंदी सजाए महिलाएं सजी-धजी थालियों के साथ पूजा स्थल की ओर बढ़ीं, तो वातावरण भक्ति और सौंदर्य से भर उठा।

जैसे ही चांद ने अपनी रजत आभा बिखेरी, महिलाओं ने छलनी से अपने पति का चेहरा देखा और जल अर्पित कर करवा चौथ व्रत खोला। इस अवसर पर गीत, हंसी और शुभकामनाओं की गूंज पूरे सदर बाजार में सुनाई दी। महिलाएं एक-दूसरे को तिलक लगातीं, स्नेहिल आलिंगन में पर्व की शुभकामनाएं देतीं और इस पावन क्षण को कैमरे में कैद करती रहीं।
करवा चौथ की इस मंगलमयी रात में सदर का हर आंगन सजी हुई दीपों की तरह दमक रहा था, जहां श्रृंगार, समर्पण और प्रेम एक साथ झिलमिला रहे
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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