कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी समय-सीमा में प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण नहीं करेंगे और जिनकी वजह से जिले की ग्रेडिंग प्रभावित होगी, उनकी दो-दो वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर विभाग के अधिकारी सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लें। शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर उनकी समस्या का समाधान करें ताकि शिकायत का निपटारा संतोषजनक तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतें केवल औपचारिक जवाब देकर बंद कर दी जाती हैं, जिससे शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहता है — इस पर अब सख्त निगरानी रखी जाएगी।

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रत्येक प्रकरण का निराकरण निर्धारित समय सीमा में किया जाए ताकि जिले की समग्र ग्रेडिंग बेहतर बनी रहे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के.वी. और अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन विभागवार समीक्षा बैठक करें।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के सभी प्रकरणों में संबंधित विभाग प्रमुखों और शिकायतकर्ताओं को समक्ष बुलाकर समाधान कराया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग में शिकायतों का निपटारा कमजोर पाया गया, तो जिम्मेदार अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है, और यह जनसुनवाई और प्रशासन के बीच पारदर्शी संवाद का सशक्त माध्यम है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को इसे गंभीरता से लेते हुए जनता की समस्याओं का समाधान ईमानदारी से करना होगा।