सागर जिले में राष्ट्रीय सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में कार्यरत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने हेतु वीर परिवार सहायता योजना के तहत जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में स्थापित विधिक सहायता क्लीनिक का अवलोकन किया गया।
वीर परिवार सहायता योजना का शुभारंभ 26 जुलाई, कारगिल दिवस के अवसर पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा किया गया था। इसके अंतर्गत जिला सैनिक कल्याण कार्यालय सागर में 25 जुलाई को विधिक सहायता क्लीनिक की स्थापना की गई थी, जो सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को कानूनी सलाह और सहायता प्रदान करता है।

15 अक्टूबर 2025 को इस क्लीनिक का निरीक्षण सिविल न्यायाधीश श्री अंकित श्रीवास्तव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर ने किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सैनिक सम्मेलन का आयोजन कर पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को योजना के उद्देश्यों, उपलब्ध सुविधाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। क्लीनिक के माध्यम से लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की कानूनी सहायता जैसे विवाद निपटान, दस्तावेज़ तैयार करना, पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाओं से जुड़ी सलाह मुहैया कराई जाती है।
इस अवसर पर श्री मिथिलेश डेहरिया, जिला विधिक अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने बताया कि क्लीनिक का उद्देश्य सैनिक परिवारों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और किसी भी प्रकार के विवाद या समस्या में उन्हें मार्गदर्शन देना है।
सैनिकों और उनके परिवारों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यह क्लीनिक उनके लिए महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ने भी यह आश्वासन दिया कि योजना के तहत लगातार लाभार्थियों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी।
यह क्लीनिक न केवल सैनिक परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा करेगा, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में सटीक जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।