मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “बहनों की मुस्कान ही मध्यप्रदेश सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है।” उन्होंने कहा कि भाईदूज हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो भाई-बहन के स्नेह, अपनत्व और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश की लाड़ली बहनों के साथ भाईदूज पर्व उत्साहपूर्वक मनाया और उन्हें सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख से अधिक बहनें उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा —
“हम बहनों के जीवन में नई रोशनी और नई खुशी जोड़ रहे हैं। बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर हर माह ₹1500 कर दी गई है। अब तक 29 किश्तों में लगभग ₹45,000 करोड़ की राशि बहनों को दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना बहनों की आर्थिक समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में सरकार का सबसे बड़ा अभियान है।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वह पहला प्रदेश है, जहां बहनें हर महीने राखी और भाईदूज जैसे पर्व इस योजना की मदद से मना रही हैं। उन्होंने बहनों को देवी लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती का समग्र रूप बताया और कहा कि बहनों की मुस्कान से ही प्रदेश की खुशहाली जुड़ी है।
🌸 मुख्यमंत्री निवास बना ‘लाड़ली बहनों का मायका’
भाईदूज पर्व पर मुख्यमंत्री निवास का वातावरण पूरी तरह पारिवारिक और आत्मीय बन गया। हजारों बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तिलक लगाया, नारियल भेंट किया, साफा पहनाया और मिठाई खिलाई। मुख्यमंत्री ने भी बहनों पर पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद लिया।
लाड़ली बहनों ने निमाड़ी लोकगीत और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिनसे माहौल भावनात्मक और भक्तिमय बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा —
“आज मुख्यमंत्री निवास बहनों का घर बना है। बहनों की आशीष से ही हम प्रदेश के विकास के लिए निर्भय होकर कार्य कर पा रहे हैं।”
उन्होंने रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई और रानी अवंति बाई जैसी वीरांगनाओं के योगदान को नमन करते हुए कहा कि “हमारी नारी शक्ति ने इतिहास के हर दौर में देश का मान बढ़ाया है।”
🌼 बहनों के सशक्तिकरण के लिए नई पहलें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने रोजगारपरक नीति बनाकर बहनों को उद्योगों में काम करने पर ₹5,000 की अतिरिक्त सहायता देने और स्वरोजगार शुरू करने पर 2% ब्याज छूट देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि मकान, दुकान और जमीन की रजिस्ट्री में भी महिलाओं को विशेष छूट दी जा रही है।
डॉ. यादव ने गर्व से कहा कि प्रदेश के 47% स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि अब महिलाएं किसी भी समय निडर होकर काम कर सकें, इसके लिए श्रम कानूनों में संशोधन किए गए हैं और वर्किंग वूमन हॉस्टल व आश्रय गृहों की व्यवस्था की गई है।
🌺 योजनाओं से नारी सशक्तिकरण को नई ऊंचाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा को नीति का केंद्र बनाया है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण कार्यक्रम और देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन ने बहनों के जीवन स्तर में क्रांतिकारी सुधार लाया है।
उन्होंने कहा —
“संसार की कोई भी सभ्यता भारतीय संस्कृति जितना ऊंचा स्थान नारी शक्ति को नहीं देती। बहनों का आशीर्वाद ही हमारे शासन की ताकत है।”
💬 बहनों ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी पिंकी जैन, संगीता, और रोहिणी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस योजना से बहनों को आर्थिक मजबूती मिली है। किसी ने सिलाई मशीन खरीदी, किसी ने अचार-पापड़ व्यवसाय शुरू किया, तो किसी ने गाय-बकरी पालकर डेयरी खोली। बहनों ने कहा कि अब वे अपने परिवार का आर्थिक संबल बन चुकी हैं।
👩💼 मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि लाड़ली बहना योजना से ग्रामीण इलाकों की महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं।
राज्यमंत्री सुश्री कृष्णा गौर ने कहा कि “आज मुख्यमंत्री निवास बहनों का मायका बना है।”
राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने बताया कि अगले माह से बहनों के खाते में हर महीने ₹1500 की राशि जाएगी।
कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, विधायक रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।