सागर, 16 दिसंबर 2024
कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर भोपाल में विधानसभा घेराव का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में सागर जिले से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बसों और कारों में सवार होकर भोपाल के लिए रवाना हुए। लेकिन, रास्ते में पुलिस ने बासौदा तिगड़ा पर उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रदर्शन का उद्देश्य और कांग्रेस के मुख्य मुद्दे
कांग्रेस पार्टी ने इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा सरकार के खिलाफ कई अहम मुद्दों को उठाया। पार्टी ने भाजपा की वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं और बच्चियों के उत्पीड़न, किसानों की समस्या, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुख रूप से उठाया। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि महिला सशक्तिकरण और समाज के अन्य तबकों के हित में ठोस कदम उठाए जाएं।
कांग्रेस के मुख्य मुद्दों में लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को 3,000 रुपये प्रतिमाह की राशि देने, सरकारी नौकरी के लिए तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, किसानों के लिए गेहूं का एमएसपी 2700, धान का दाम 3100 और सोयाबीन के दाम 6000 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही कांग्रेस ने कर्ज की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की है, ताकि किसानों और आम जनता को सरकार की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

बासौदा तिगड़ा पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बहस
जब सागर से भोपाल की ओर जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ता बासौदा तिगड़ा पहुंचे, तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उनकी गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे विधानसभा घेराव के लिए आगे नहीं जा सकते। इसके बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पुलिस ने लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करते हुए उन्हें रोका और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और अपने मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाए, “भ्रष्टाचार हटाओ, बेरोजगारी दूर करो!” और “किसान-मजदूर को न्याय दो!”।

सड़क जाम और यातायात प्रभावित
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के चलते बासौदा तिगड़ा और भोपाल रोड पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। रोड पर जाम के कारण यात्री और व्यापारी भी परेशान हो गए, और कई घंटों तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। पुलिस ने बाद में समझाइश देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शांत किया और उन्हें भोपाल की ओर रवाना किया।
कार्यकर्ताओं का भोपाल पहुंचना
काफी समय तक तनावपूर्ण स्थिति के बाद और पुलिस की समझाइश पर, कांग्रेस कार्यकर्ता आखिरकार भोपाल के लिए रवाना हो गए। सागर जिले के कांग्रेस नेता सुरेंद्र सुहाने, कांग्रेस सेवा दल जिला अध्यक्ष सिंटू कटारे, सागर साहू समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भोपाल में विधानसभा घेराव में भाग लिया।

कांग्रेस का आक्रोश और भाजपा सरकार पर आरोप
कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा घेराव के माध्यम से भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं किया है। पार्टी का कहना था कि सरकार किसानों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों पर लापरवाह बनी हुई है, और भाजपा ने केवल वादे किए, जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है। कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मुद्दों पर कदम नहीं उठाए, तो पार्टी और अधिक जन आंदोलन करेगी।
सागर से निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन भाजपा सरकार के खिलाफ कड़ा संदेश देने का प्रयास था। बासौदा तिगड़ा पर पुलिस द्वारा रोकने के बावजूद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने मुद्दों को उठाने और सरकार से जवाब मांगने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत था कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी और जब तक उनके मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक संघर्ष करती रहेगी।