सागर जिले में आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर संदीप जी आर ने सख्त रुख अपनाते हुए 8 आदतन अपराधियों को जिले से निष्काषित करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन एवं विभिन्न पुलिस थानों के इनपुट के आधार पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के ये आरोपी लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे, जिसके चलते इन्हें 4 से 9 महीने की अवधि के लिए जिला बदर किया गया है। आदेश के अनुसार:
- पहलाद पिता वंदे अहिरवार (ग्राम मगरधा, थाना बहरोल) 4 माह
- दुर्गेश पिता मिटठन यादव (ग्राम घवारा, थाना बरायठा) 4 माह
- लोटन सिंह पिता नत्थू सिंह लोधी (ग्राम चितौआ, थाना बहरोल) 4 माह
- वकील पिता ओमकार सिंह दांगी (ग्राम बिल्धई बुर्जुग, थाना आगासौद बीना) 5 माह
- मलखान पिता गोकल विश्वकर्मा (ग्राम पार, थाना आगासौद) 5 माह
- प्रशांत पिता बब्लू उर्फ बंसत राजपूत (ग्राम घाना, थाना केसली) 6 माह
- अंगद उर्फ यादवेन्द्र पिता लखन सिंह राजपूत (कुसमी, थाना केसली) 9 माह
- जाहर पिता राजेश यादव (ग्राम देहचुआ, थाना केसली) 9 माह
- मनीष पिता सुरेश दुबे (ग्राम हिनौतिया, थाना केसली) 9 माह
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निष्काषन के दौरान यदि संबंधित अपराधी के खिलाफ न्यायालय में कोई मामला लंबित है, तो वह निर्धारित तारीखों पर पेशी में उपस्थित हो सकेगा। हालांकि, इसके लिए उसे पहले संबंधित थाना प्रभारी को सूचना देना अनिवार्य होगा तथा पेशी के तुरंत बाद जिला दण्डाधिकारी के आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा।
प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई ने संदेश दिया है कि जिले में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती से निपटा जाएगा। यह कदम अपराधियों के मनोबल को गिराएगा और आमजन में सुरक्षा और विश्वास बढ़ाएगा।