मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर विकास का नया संकल्प !

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मध्यप्रदेश अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगांठ उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस शुभ अवसर पर पूरे प्रदेश में उल्लास का वातावरण है और नागरिकों के चेहरे विकास के आत्मविश्वास से दमक रहे हैं। यह सिर्फ उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन महान विभूतियों को स्मरण करने का भी अवसर है जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया।

प्रदेश ने सात दशकों में विकास के कई पड़ाव पार किए हैं और आज आत्मविश्वास के साथ कह सकता है कि मध्यप्रदेश बदल चुका है और अब नई ऊंचाइयों को हासिल करने के लिए तत्पर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन के साथ मध्यप्रदेश ने भी अपना लक्ष्य तय किया है, जिसमें दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण सर्वोपरि है।


आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव

मध्यप्रदेश आज आर्थिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। यहां भरपूर प्राकृतिक संसाधन, उच्च कृषि उत्पादन, आदर्श सिंचाई संरचनाएं, बिजली की पर्याप्त उपलब्धता और सशक्त औद्योगिक आधार मौजूद है।
प्रदेश में वर्तमान में 1.2 लाख एकड़ से अधिक औद्योगिक भूमि उपलब्ध है, साथ ही 112 औद्योगिक क्षेत्र विकासाधीन हैं। इसके अलावा 14 ग्रीन फील्ड औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान की जा चुकी है, जिससे निवेश को नई जमीन मिल रही है।

प्रदेश सरकार ने Ease of Doing Business के क्षेत्र में उत्कृष्ट नीतियां लागू कर निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया है।


कृषि और स्वदेशी आधारित विकास मॉडल

कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। खाद्यान्न एवं दलहन उत्पादन में निरंतर वृद्धि प्रदेश की कृषि शक्ति का प्रमाण है।
सरकार एग्रो प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन आधारित मॉडल को आगे बढ़ा रही है, जिससे किसान समृद्ध हों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी विजन को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण उद्योग और MSME सेक्टर को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है।


बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 2029 तक सिंचाई सुविधा को बढ़ाकर शुद्ध बोए गए क्षेत्र का 85 प्रतिशत कवर किया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार प्रस्तावित है। वर्तमान में 27,109 मेगावाट की स्थापित क्षमता को 2029 तक बढ़ाकर 60,000 मेगावाट करने का लक्ष्य है, जिसमें 50 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आएगा।


शिक्षा और स्वास्थ्य का सुदृढ़ीकरण

शिक्षा क्षेत्र में सकल नामांकन दर को 2029 तक 90 प्रतिशत तथा उच्च शिक्षा में 35 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने हेतु 8,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रावधान है। उज्जैन मेडिसिटी जैसी परियोजनाएं मध्यप्रदेश को क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।


शहरी और ग्रामीण विकास में संतुलन

स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाकर शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।
इसी तरह ग्राम पंचायतों को सक्षम बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे विकास का लाभ हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचे।


विजन 2047: सबका साथ सबका विकास

प्रदेश सरकार गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति सशक्तिकरण के लिए चार प्रमुख मिशनों पर कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम छू रहा है और नागरिकों के सहयोग से यह लक्ष्य जल्द ही साकार होगा।


मध्यप्रदेश आज न सिर्फ अपनी स्थापना का पर्व मना रहा है बल्कि विकसित भविष्य के संकल्प के साथ नई उड़ान भरने को भी तैयार है। इस पावन अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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