मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर बड़तूमा कन्या छात्रावास में मनाया गया एकता, संस्कृति और सशक्तिकरण का उत्सव !

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सागर, 01 नवंबर 2025

आस्था, संस्कृति, शिक्षा और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला अ.जा. महाविद्यालय कन्या छात्रावास, बड़तूमा (सागर) में, जहाँ मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, छात्रावास दिवस और जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा का संयुक्त आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया मुख्य अतिथि के रूप में एवं नगर पंचायत अध्यक्ष मिहीलाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर छात्राओं ने उत्साह, संस्कृति और अनुशासन का सुंदर प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश की सांझी पहचान, जनजातीय परंपरा और नारी सशक्तिकरण का जीवंत संदेश दिया।


🪔 मां सरस्वती की वंदना से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप-धूप और माल्यार्पण कर किया गया।
इसके बाद छात्राओं ने “मध्यप्रदेश गीत” प्रस्तुत किया, जिससे पूरे प्रांगण में एकता और गौरव का माहौल गूंज उठा।
छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक नृत्य, जनजातीय लोकगीत, कविताएं और प्रेरणादायक लघु नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें राज्य की विविध संस्कृति की झलक दिखाई दी।

विधायक प्रदीप लारिया और नपाध्यक्ष मिहीलाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।


💬 विधायक प्रदीप लारिया बोले — ‘मध्यप्रदेश दिवस हमारी एकता और पहचान का प्रतीक’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री लारिया ने कहा —

“यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज 1 नवंबर के दिन तीन ऐतिहासिक अवसर एक साथ मना रहे हैं —
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, छात्रावास दिवस और जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा। यह दिन प्रदेश की एकता, विविधता और प्रगति का प्रतीक है।”

उन्होंने कहा कि 1956 में मध्यप्रदेश का गठन विभिन्न हिंदी भाषी क्षेत्रों को मिलाकर किया गया था।

“तब से लेकर आज तक मध्यप्रदेश ने शिक्षा, कृषि, उद्योग, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
यह दिन न केवल इतिहास की याद दिलाता है, बल्कि हमें यह भी प्रेरणा देता है कि हम सब मिलकर इस प्रदेश को और बेहतर बनाएं।”


🏫 ‘छात्रावास दिवस अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी का प्रतीक’

विधायक लारिया ने छात्रावास दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और आत्मनिर्भरता का विद्यालय है।

“यहां विद्यार्थी न केवल पढ़ाई करते हैं, बल्कि अनुशासन, सहयोग, साझेदारी और जिम्मेदारी जैसे जीवन मूल्यों को भी सीखते हैं।
ऐसे आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।”

उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे शिक्षा के साथ संस्कार और समाजसेवा को भी जीवन का हिस्सा बनाएं।


🌾 भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव का उत्सव

इस अवसर पर जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा के तहत भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी मनाई गई।
मंच पर बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

विधायक लारिया ने कहा —

“भगवान बिरसा मुंडा केवल एक जनजातीय नायक नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक हैं।
उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को संगठित कर अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष किया।”

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में जनजातीय सशक्तिकरण और कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

“आज जनजातीय समाज के बच्चे शिक्षा, खेल, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।
जनजातीय गौरव पखवाड़ा इसी प्रगति और आत्मगौरव का उत्सव है।”


🎭 छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें गोंड, भील और कोरकू समुदायों की सांस्कृतिक झलकियां देखने को मिलीं।
साथ ही, “मध्यप्रदेश – भारत का हृदय” पर आधारित नाट्य प्रस्तुति में छात्राओं ने राज्य के विभिन्न जिलों की विशेषताओं को दर्शाया।
इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों से खूब सराहना बटोरी।


🏆 पुरस्कार वितरण और छात्राओं का सम्मान

मुख्य अतिथि विधायक लारिया और नपाध्यक्ष मिहीलाल ने छात्राओं को शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।
पुरस्कार प्राप्त छात्राओं में गर्व और प्रेरणा का भाव झलकता रहा।
विधायक लारिया ने कहा —

“हमारी बेटियाँ ही मध्यप्रदेश का भविष्य हैं। वे जितनी शिक्षित और सशक्त होंगी, राज्य उतना ही प्रगतिशील बनेगा।”


👩‍🏫 अधीक्षिका स्वाति शांडिल्य ने जताया आभार

कार्यक्रम की अधीक्षिका श्रीमती स्वाति शांडिल्य ने आयोजन के उद्देश्य और सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने छात्राओं को सांस्कृतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।

अंत में उन्होंने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि

“यह दिन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। हम अपने छात्रावास को अनुशासन, शिक्षा और संस्कार का केंद्र बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।”

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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