सागर. शहर का खेल परिसर आज रंगों, तालियों और युवा जोश की धड़कनों से गूंज उठा। 69वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ध्वजारोहण कर किया। दीपक मेमोरियल बैंड की ऊर्जावान धुनों और सैकड़ों कदमों की ताल में उमड़ी खिलाडियों की परेड ने मानो पूरे मैदान को एक जीवंत कैनवास बना दिया।

मंत्री राजपूत ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मैदान की लड़ाई नहीं, जीवन की तैयारी है। उन्होंने कहा, “आपका काम है पूरे मनोयोग से खेलना, बाकी आपकी जरूरतों का ध्यान रखना हमारी सरकार का संकल्प है। जब शुरुआत भव्य होती है तो समापन भी यादगार होता है। किसी भी समस्या पर प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं, फिर भी परेशानी आए तो सीधे मुझे बताएं, दस मिनट में आपके पास रहूँगा।”

समारोह में 10 संभागों से आए एक हजार से अधिक खिलाड़ी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम, जनजाति कार्य विभाग, उज्जैन और सागर संभाग के युवा प्रतिभाओं ने उत्साह भरी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता में 19 वर्ष बालक-बालिका एथलेटिक्स एवं 17 वर्ष बालिका वर्ग क्रिकेट प्रतियोगिताएं पांच दिनों तक आयोजित होंगी।

जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने स्वागत भाषण में आयोजन की रूपरेखा बताते हुए बताया कि सभी व्यवस्थाएं कलेक्टर संदीप जी. आर. के निर्देश पर सुनिश्चित की गई हैं। क्रिकेट मुकाबले सिटी स्टेडियम और विश्वविद्यालय मैदान में जबकि एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं खेल परिसर में होंगी।
कार्यक्रम में आर्मी पब्लिक स्कूल और लिटिल स्टार शैलेश मेमोरियल स्कूल के विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राष्ट्रीय खिलाड़ी आकर्षि चौबे ने खिलाड़ियों को शपथ दिलाई। संचालन श्रीमती रचना तिवारी और मुकेश तिवारी ने किया तथा आभार जिला खेल अधिकारी संजय दादर ने व्यक्त किया।

सागर ने एक बार फिर साबित किया कि यह शहर सिर्फ शिक्षा और संस्कृति नहीं, बल्कि खेल प्रतिभा का भी मजबूत धरातल है। मैदान पर दौड़ते कदमों और हवा में लहराते ट्रैक की आवाजें कह रही थीं: “खेलो, बढ़ो, और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करो।”