9 नवंबर से सागर में शुरू होगा न्यायोत्सव–विधिक सेवा सप्ताह 2025 !

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कानून सिर्फ अदालतों में नहीं, बल्कि हर नागरिक की रोजमर्रा की जिंदगी में सांस लेता है। इसी भावना को साकार करने और न्याय को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सागर में 9 नवंबर से न्यायोत्सव–विधिक सेवा सप्ताह 2025 की शुरुआत होने जा रही है। इस आयोजन के संबंध में आयोजित बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम. के. शर्मा ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों में नागरिकों को कानूनी सेवाओं, कल्याणकारी योजनाओं और उनके मौलिक अधिकारों की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रदान की जाए।

बैठक में जिला न्यायाधीश श्री समरेश सिंह, श्री सुधांशु सक्सेना, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती नेहा बंसल, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री प्रीतम बंसल, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मिथिलेश डेहरिया, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री जितेंद्र सिंह राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अधिवक्ता मौजूद रहे।


एक सप्ताह, न्याय जागरूकता के सात पड़ाव

इस अभियान में हर दिन अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य हर वर्ग तक न्याय, अधिकार और सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है।


9 नवंबर: न्याय के लिए दौड़

सप्ताह की शुरुआत मैराथन व वॉकथॉन तथा कानूनी जागरूकता प्रदर्शनी से होगी।
पोस्टर मेकिंग, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, मिनी नाटक और “अपने अधिकारों को जानें” जैसी गतिविधियों से नागरिकों को कानूनी ज्ञान दिया जाएगा।
प्रतिभागियों को NALSA लोगो वाली टी-शर्ट और कैप दिए जाएंगे।
थीम: “न्याय के लिए दौड़… हर कदम कानूनी जागरूकता की ओर।”


10 नवंबर: जेलों में कानूनी सहायता कैम्प

क़ैदियों को उनके अधिकार, निःशुल्क कानूनी सहायता, पुनर्वास एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जानकारी दी जाएगी।
लंबित मामलों की स्थिति से अवगत कराने पर विशेष जोर।


11 नवंबर: शिक्षा संस्थानों में अधिकारों का पाठ

स्कूलों व कॉलेजों में सत्र:
• शिक्षा के अधिकार अधिनियम
• बाल अधिकार, POCSO, बाल श्रम कानून
• सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग
• LSA हेल्प डेस्क की स्थापना


12 नवंबर: गाँव और श्रमिक क्षेत्र में कानूनी सहायता

ग्रामीणों को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, संपत्ति अधिकार, साइबर सुरक्षा पर मार्गदर्शन।
आधार अपडेट, राशन कार्ड, पेंशन एवं सरकारी योजनाओं पर सहायता
पैनल वकील और PLV द्वारा व्यक्तिगत परामर्श।


13 नवंबर: बाल संरक्षण संस्थानों में जागरूकता व निरीक्षण

कहानियाँ, रोल-प्ले, चित्रकला, निबंध, क्विज़ के जरिए बच्चों को सशक्त बनाया जाएगा।
संरक्षण अधिनियमों व अधिकारों पर जागरूकता।


14 नवंबर: बाल दिवस–हर बच्चा खास है

फैंसी ड्रेस, नाटक, प्रेरक कहानियाँ, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता
अच्छे-बुरे स्पर्श पर जागरूकता, साइबर सुरक्षा, सहायता नंबर 1098
मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए गोपनीय सहायता स्थल
थीम: “बनें बहादुर, बनें दयालु, बनें स्वयं।”


15 नवंबर: बाइक/साइकिल रैली

PLV, LADC, NGO व वकीलों की सहभागिता के साथ जागरूकता रैली
उद्देश्य: समाज तक न्याय और कानूनी सेवाओं की पहुंच


न्याय को घर-घर तक ले जाने का संकल्प

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री शर्मा ने कहा कि विधिक सेवा सप्ताह का सार यही है कि
“न्याय सिर्फ किताबों तक सीमित न हो, हर नागरिक तक पहुँचे और हर जरूरतमंद को सहायता मिले।”

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