कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 60 बोरी डीएपी जब्त, तीन आरोपियों पर मामला दर्ज !

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सागर जिले के पंडापुरा तिली वार्ड में कृषि विभाग और मोतीनगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर एक मकान से अवैध रूप से भंडारित 60 बोरी डीएपी खाद जब्त की है। यह कार्रवाई बुधवार रात सूचना के आधार पर की गई। टीम को मौके से खाद से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज, लाइसेंस या खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं मिला। खाद नकली होने की आशंका के चलते कृषि विभाग ने सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कृषि विभाग को शिकायत मिली थी कि तिली वार्ड के पंडापुरा इलाके में लखन पटेल के मकान में बड़ी मात्रा में खाद का अवैध भंडारण किया जा रहा है। बताया गया कि यह खाद बिना किसी अनुमति और रजिस्ट्रेशन के बेचा जा रहा था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने पुलिस की सहायता से तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया।


✳ रात में की गई दबिश, 60 बोरी डीएपी बरामद

बुधवार रात करीब 9 बजे कृषि विभाग की टीम मोतीनगर थाना प्रभारी और पुलिस बल के साथ पंडापुरा तिली वार्ड पहुंची। टीम ने मकान का दरवाजा खुलवाकर तलाशी ली, जहां अंदर डीएपी खाद की 60 बोरियाँ रखी मिलीं।

टीम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि मकान में किसी प्रकार की खाद गोदाम की अनुमति नहीं थी, फिर भी वहां यह भारी मात्रा में भंडारण किया गया था। मौके पर मौजूद व्यक्ति गौरव साहू निवासी गोपालगंज से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि यह खाद सचिन साहू द्वारा भंडारण कर बिक्री के लिए रखी गई थी।

जब कृषि विभाग की टीम ने खाद खरीदी-बिक्री से संबंधित दस्तावेज, बिल या लाइसेंस मांगे, तो कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर टीम ने संदेह जताया कि खाद नकली या निम्न गुणवत्ता की हो सकती है, जिसे किसानों को महंगे दामों पर बेचा जा रहा था।


✳ नकली खाद होने की आशंका, सैंपल जांच के लिए भेजे

अवैध भंडारण के बाद कृषि विभाग ने डीएपी खाद की बोरियों से सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए राज्य कृषि प्रयोगशाला (State Agriculture Lab) भेजा है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में खाद नकली या गुणवत्ता विहीन पाई गई, तो आरोपियों पर कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

उर्वरक निरीक्षक शिवकांत सिंह राजपूत ने बताया —

“हमारे पास सूचना थी कि पंडापुरा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में खाद अवैध रूप से रखी गई है। मौके पर पहुंचने पर यह जानकारी सही पाई गई। न तो खाद का लाइसेंस था और न ही खरीदी-बिक्री के दस्तावेज। खाद नकली होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।”


✳ तीन आरोपियों पर मामला दर्ज

कृषि विभाग के आवेदन पर मोतीनगर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों — सचिन साहू निवासी तहसीली यादव कॉलोनी, अजय रैकवार निवासी यादव कॉलोनी और गौरव साहू निवासी गोपालगंज — के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि —

“खाद का भंडारण बिना अनुमति किया गया है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। खाद के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को महंगे दामों पर खाद बेचने की तैयारी में थे। इसके लिए मकान में अस्थायी गोदाम बनाया गया था।


✳ क्षेत्र में फैली हड़कंप, किसान संगठन नाराज़

अवैध खाद भंडारण की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कई किसानों ने बताया कि इस तरह का खाद कालाबाजारी का खेल लंबे समय से चल रहा है।
किसान संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

किसान नेता धर्मेंद्र पटेल ने कहा —

“अगर खाद नकली निकली, तो यह किसानों के साथ धोखाधड़ी है। ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अधिकारी केवल एक-दो कार्रवाई कर शांत न हो जाएं, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच हो।”


✳ प्रशासन की सख्ती, रिफाइनरी एरिया के बाद अब खाद कारोबार पर नजर

हाल ही में सागर जिले में रिफाइनरी क्षेत्र में नियमों की अनदेखी और अवैध गतिविधियों के कई मामले सामने आने के बाद अब प्रशासन आवश्यक वस्तुओं के अवैध कारोबार पर सख्त नजर रखे हुए है।
कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देश पर कृषि विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में खाद, बीज और कीटनाशक बिक्री केंद्रों की जांच कर रही है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन विक्रेताओं या व्यक्तियों द्वारा बिना लाइसेंस खाद का भंडारण या बिक्री की जाती है, उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और जेल की सजा तक की कार्रवाई की जाएगी।


✳ आगे क्या?

अब नजर कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट पर है। यदि जांच में जब्त की गई डीएपी खाद नकली या मानक से कम गुणवत्ता वाली पाई गई, तो आरोपियों पर धोखाधड़ी, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने और किसानों को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में भी केस दर्ज हो सकता है।

मोतीनगर थाना पुलिस ने फिलहाल खाद की सभी बोरियों को थाने में सुरक्षित रखवाया है। साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर यह जांच की जा रही है कि खाद कहां से आई और इसे किन-किन क्षेत्रों में बेचने की योजना थी।

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